मांगी गई जानकारी के पूर्व की घटनाएं भेजने पर अफसर नाराज

भोपाल
प्रदेश के हर जिले से नाबालिग बच्चियों के साथ दरिंदगी और ज्यादती के जिलावार और थाने में दर्ज प्रकरणों के साथ ही आरोपियों को न्यायालय से हुई फांसी की सजा की जानकारी के संबंध में विधानसभा में लगे एक सवाल को लेकर 7 मार्च तक जानकारी जिलों से मांगी गई थी। भेजी गई जानकारी का जब परीक्षण किया गया तो इसमें कुछ जिला अभियोजन अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई हैं।

जानकारी के अनुसार विधानसभा में एक विधायक ने इस संबंध में सवाल लगाया है कि एक जनवरी 2019 से लेकर 28 फरवरी 2022 तक जिले में नाबलिग बच्चियों के साथ ज्यादती की घटनाओं से लेकर उन्हें मिली फांसी की सजा तक की जानकारी चाही है। इसके लिए लोक अभियोजन संचालनालय ने जिला अभियोयजन अधिकारियों को जानकारी देने के लिए एक चार्ट भेजा। जिसमें जिला, तहसील, थाना, एफआईआर की दिनांक, अपराध क्रमांक, आरोपी का नाम, अभियोजक का नाम, अभियोजक का पदनाम, निर्णय दिनांक और सजा का विवरण भर कर भेजना था। यह जानकारी 7 मार्च को शाम पांच बजे तक जिला अभियोजन अधिकारियों को लोक अभियोजन संचालनालय को भेजी जाना थी। यह जानकारी अपूर्ण और अधूरी भेज दी।

दस मार्च को भेजा दूसरा पत्र
जब यह जानकारी संचालनालय को मिली तो दस मार्च को इस संबंध में दूसरा पत्र भेजा गया। इस पत्र में प्रभारी संयुक्त संचालक ने कहा कि प्राप्त जानकारी के परीक्षण में यह संज्ञान में आया कि कुछ जिला कार्यालयों ने एक जनवरी 2019 से पहले की जानकारी भेज दी। जबकि कुछ जिलों ने अधूरी और अपूर्ण जानकारी भेजी है। इसे संयुक्त संचालक ने घोर लापरवाही मानते हुए तत्काल जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि इस पत्र के बाद अब जिलों से जानकारी सुधार कर भेजी जा रही है।

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