एनआरआई काउंसलिंग में सिर्फ पांच विद्यार्थियों ने पंजीयन, इंजीनियरिंग से NRI का मोहभंग

भोपाल
सूबे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब एनआरआई विद्यार्थियों का मोहभंग हो गया है। एनआरआई काउंसलिंग में सिर्फ पांच विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। एनआरआई कोटे में पहली बार इतनी कम संख्या में पंजीयन हुए हैं। प्रदेश में कुल 90 एनआरआई सीटों में से सिर्फ एक ही विद्यार्थी ने प्रवेश लिया है।

     प्रदेश में सिर्फ श्री गोविंद सेकसनियरा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस इंदौर (एसजीएसआईटीएस) में केवल एक एनआईआर विद्यार्थी ने प्रवेश लिया है। एसजीएसआईटीएस में प्रवेश लेने के लिए सिर्फ पांच विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। जबकि एसजीएसआईटीएस की करीब 40 सीटें मौजूद हैं। वहीं, एमआईटीएस ग्वालियर में 50 सीटें होने के बाद भी एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश लेने के लिए पंजीयन तक नहीं कराया। प्रदेश की 90 एनआरआई सीटें में से सिर्फ एक पर प्रवेश हुआ है।

    पांच साल पहले तक दो दर्जन से ज्यादा एनआरआई विद्यार्थियों पंजीयन कराने का आंकड़ा दर्ज है। गत वर्ष भी दो एनआरआई विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इसमें एक एसजीएसआईटीएस इंदौर और एक एमआईटीएस ग्वालियर में प्रवेश हुआ था। वर्तमान सत्र में एमआईटीएस में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है।  

उक्त देशों के विद्यार्थी ले चुके हैं प्रवेश
प्रदेश के कॉलेजों की एनआरआई सीटों पर नाईजीरिया, साउदी अरब, इंडोनेशिया, कुबेत, ओमान, थाईलैंड, साउदी अरेबियन, यूएई, कतार, आबुधाबी, बेहरीन, सिंगापुर और बांग्लादेश के एनआरआई विद्यार्थियों ने प्रवेश लिए हैं। उक्त देशों के विद्यार्थी वर्तमान में प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेशरत हैं।

एनआरआई ने छोड़ा साथ
पिछले तीन साल में इंजीनियरिंग में एनआरआई कोटे के प्रवेश में काफी गिरावट आई है। तीन साल पहले तक डीएविवि इंदौर, एमआईटीएस ग्वालियर, एलएनसीटी भोपाल और एसजीएसआईटीएस इंदौर की एनआरआई सीटों पर प्रवेश दिया गया था। वर्तमान सत्र में एनआरआई सीटों पर प्रवेश लेने एक दर्जन विद्यार्थी पंजीयन कराने तक नहीं आए। सभी पांच एनआरआई विद्यार्थियों ने एसजीएसआईटी में प्रवेश लेने के लिए पंजीयन किए हैं।

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