प्रदेश में वर्षा की गतिविधियाें में कमी

 भाेपाल
कम दबाव का क्षेत्र गुजरात के कच्छ में पहुंच गया है। इससे बुधवार काे मध्यप्रदेश में वर्षा की गतिविधियाें में कमी दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक वर्तमान में मानसून ट्रफ राजगढ़ से हाेकर गुजर रहा है। इसके अलावा हवाओं का रुख पूर्वी बना हुआ है। इससे बंगाल की खाड़ी से नमी मिल रही है। गुरुवार काे इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भाेपाल, रीवा, शहडाेल, जबलपुर एवं सागर संभागाें के जिलाें में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

बुधवार काे सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 28, मलाजखंड में आठ, दमाेह में छह, ग्वालियर, छिंदवाड़ा एवं सिवनी में पांच, नौगांव में चार, सागर में तीन, जबलपुर में 2.1, पचमढ़ी में दाे, भाेपाल में 1.3, बैतूल, मंडला में एक, सतना में 0.8, खजुराहाे में 0.6, नर्मदापुरम में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि मंगलवार तक प्रदेश में मानसून ट्रफ के साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ था। इस वजह से भाेपाल, इंदौर, उज्जैन संभागाें के जिलाें में झमाझम वर्षा हुई। वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र गुजरात पहुंच गया है। इस वजह से वर्षा की गतिविधियाें में कमी आने लगी है। हालांकि वर्तमान में मानसून ट्रफ कच्छ पर बने कम दबाव के क्षेत्र से दीसा, राजगढ़, सीधी, अंबिकापुर, भुवनेश्वर, से बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है।

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