संपदा के साथ राजस्व विभाग ने शुरू किया नया काम

भोपाल
अगर किसी जिले में किसी भूमि स्वामी के खसरे की पूरी जमीन एक साथ बिकेगी तो अब आने वाले दिनों में ऐसी भूमि के नामांतरण के लिए खरीददार या विक्रेता किसी को भी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। ऐसे मामलों में जमीन की रजिस्ट्री होते ही केस दर्ज हो जाएंगे और यह सीधे सायबर तहसील में दर्ज हो जाएंगे जहां काम करने वाले तहसीलदार किसी से संपर्क किए बगैर नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

इस फेसलेस नामांतरण प्रक्रिया के जरिये सायबर तहसील के काम सरल किए जाएंगे। राजस्व विभाग ने नामांतरण के पेंडिंग मामलों के निराकरण को लेकर सायबर तहसील एक जून से शुरू किए हैं। इसमें पदस्थ किए गए तहसीलदारों को फेसलेस नामांतरण के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जो काम हाथ में लिए गए हैं, उसमें कहा गया है कि जहां पर किसी खसरा नम्बर की पूरी जमीन एक साथ बिकेगी, ऐसे प्रकरण संपदा से सीधे राजस्व विभाग की सायबर तहसील में आ जाएंगे। इसके लिए अलग से केस दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी। आटो जनरेट केस संपदा से आने के बाद सायबर तहसील से निराकृत होंगे। जिसकी जमीन है, उसे सूचना मिल जाएगी लेकिन उसे दफ्तर आने की जरूरत नहीं होगी। सारी प्रक्रिया तहसीलदार आनलाइन पूरी कर देंगे। बाकी भूमि स्वामी को आफ लाइन जो काम करने होंगे वह कर सकेंगे लेकिन नामांतरण का काम फेसलेस होगा।

इसका फायदा यह होगा कि बल्क में बेची जाने वाली जमीन के नामांतरण के लिए भूमिस्वामी को कलेक्टर और तहसील आफिस के चक्कर नहीं काटने पडेंÞगे। अफसरों के अनुसार कुछ महीनों बाद इस व्यवस्था में और सुधार करेंगे और सायबर तहसील के काम को और अधिक जनोपयोगी बनाने के काम किए जाएंगे।

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