आरएसएस प्रदेश में शाखाएं और साप्ताहिक मिलन शुरू करेगा

भोपाल
 मध्य भारत प्रांत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्य विस्तार तेज गति से हो रहा है। पूरे प्रांत में संघ रचना के 1814 ग्रामीण मंडल हैं। एक वर्ष में 150 नए मंडलों में काम प्रारंभ हुआ है। वर्तमान में 820 मंडलों में शाखा और 260 मंडलों में साप्ताहिक मिलन के माध्यम से संघ का दैनंदिन कार्य चल रहा है। नगरीय क्षेत्रों को बस्ती रचना में विभाजित किया गया है। कुल 760 बस्तियों में से 550 बस्तियों में शाखा या मिलन के माध्यम से कार्य है। शताब्दी वर्ष में अगले 2 वर्षों में सभी मंडल एवं बस्तियां शाखा या साप्ताहिक मिलन युक्त करने का लक्ष्य है।

यह जानकारी शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य भारत प्रांत के संघचालक अशोक पांडेय ने भोपाल में दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की प्रयागराज जिला में 16 से 19 अक्टूबर तक चली चार दिवसीय बैठक में देश विरोधी गतिविधियों पर विचार विमर्श हुआ।

सरसंघचालक डा. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बैठक में जनसंख्या असंतुलन, शताब्दी वर्ष में संघ कार्य विस्तार, देश एवं अपने प्रांत में स्वावलंबी भारत योजना, पर्यावरण कार्य, समरसता, कुटुंब प्रबोधन, संघ के स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों आदि पर विस्तृत चर्चा की। पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष आगामी वर्ष 2025 में पूरे होने जा रहे है। शताब्दी वर्ष में सभी नगरों एवं खंडों में 2 वर्षीय विस्तारक निकालने की योजना बना गई है। संघ से ज्वाइन आरएसएस (ऑनलाइन) के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।

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