300 रुपए के लेन देन में हुई रेत कारोबारी के बेटे की हत्या

जबलपुर

जबलपुर में रेत कारोबारी के बेटे राहुल उर्फ गोलू (25) की बेरहमी से हुई हत्या में गे-कनेक्शन भी सामने आया है। राहुल की हत्या 300 रुपए के विवाद में की गई थी। उसकी हत्या दोस्तों ने ही की थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक को पुलिस पहले तीन दिन थाने में बैठाकर पूछताछ कर चुकी थी, तब उससे कुछ नहीं उगलवा पाई थी। वारदात से पहले आरोपियों ने राहुल के पिता को उसी के मोबाइल से कॉल कर 15 लाख रुपए मांगे थे। इसके बाद उसके साथ मारपीट की थी। बेहोश होने पर आरोपियों ने चाकू से 50 वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। शव को जंगल में झाड़ियों में छिपा दिया।

मामले का खुलासा गुरुवार को एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने कर दिया। उन्होंने बताया कि राहुल का कंकाल मिलने के बाद स्पष्ट हो गया कि मामला कुछ और है। पुलिस ने घटनास्थल के इलाके का मोबाइल का डाटा निकलवाया। इसमें गुड़हाई मोहल्ला गोहलपुर निवासी सुनील तिवारी (26) का मोबाइल नंबर मिला। हालांकि पुलिस सुनील से पहले ही तीन दिन तक पूछताछ कर चुकी थी। इसके बाद एक बार फिर उसे उठाया गया। पहला सवाल गोलू को जानने संबंधी किया गया, तो उसने मना कर दिया। यहीं से वह पुलिस के संदेह में आ गया। कारण कि पिछले एक साल से गोलू अक्सर उसके साथ दिखता था। उसके घर उठता-बैठता था।

मोबाइल के बारे में बोला- एक महीने पहले गायब हाे गया

पुलिस ने सुनील तिवारी से उसका मोबाइल मांगा, तो बोला कि एक महीने पहले ही गायब हो गया है। इससे संदेह और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो वह टूट गया। उसके बताए अनुसार पुलिस ने उसी के मोहल्ले में रहने वाले छोटेलाल उर्फ विजय रजक (45) और शंकर कॉलोनी निवासी सुनील चौधरी (20) को दबोच लिया। तीनों ने बताया कि राहुल के साथ तीनों शराब पीते रहते थे। शराब पीने को लेकर आरोपियों का राहुल से उधारी को लेकर मनमुटाव चल रहा था।

दो मार्च को शराब पिलाने बुलाया था

सुनील तिवारी ने दो मार्च को राहुल को शराब पिलाने के लिए बुलाया था। इस दौरान छोटेलाल और सुनील चौधरी भी थे। चारों ने पहले आंगनबाड़ी केंद्र लेकर गए। वहां चारों ने शराब पी। इसके बाद और शराब के लिए तीनों ने राहुल से 300 रुपए मांगे। उसने देने से मना कर दिया। बोला- मेरे बाप से मांग लो। सुनील चौधरी ने वहीं से राहुल के मोबाइल से पिता मलखान को कॉल कर दिया। बोला कि उसके बेटे को अगवा कर लिए हैं। 15 लाख फिरौती मांगी।

मारपीट के बाद जंगल में ले गए शव

तीनों आरोपियों की राहुल से कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई थी। राहुल गिर गया था। वह अर्द्धबेहोशी में आ गया था। इसके बाद तीनों घबरा गए। डर गए कि राहुल के घर वाले जान गए, तो विवाद बढ़ जाएगा। तीनों राहुल को उसी हालत में थाने से 500 मीटर पीछे के जंगल में ले गए। वहां सुनील चौधरी ने रॉड से सिर पर वार किया। राहुल बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद सुनील तिवारी और छोटेलाल ने उस पर चाकू से 50 से अधिक वार कर डाले। जंगल में ही राहुल का मोबाइल फेंक कर घर चले गए। पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर चाकू बरामद कर चुकी है। राहुल का मोबाइल बरामद करने के लिए सभी को रिमांड पर लिया जा रहा है।

गलत संगत में बिगड़ गया था राहुल

जांच में पता चला कि गलत संगत में राहुल बिगड़ गया था। 2010 को राहुल को ब्रेन हेमरेज हुआ था। वह स्कूल में गिर पड़ा था। इलाज हुआ, लेकिन शरीर का एक हिस्सा लकवा मार गया। काफी इलाज के बाद वह चलने-फिरने लगा, लेकिन एक हाथ काम नहीं करता था। पढ़ाई छूटी तो वह मोहल्ले में घूमने लगा। उसी दौरान उसे नशे की लत लग गई। वह गुटखा-पान तम्बाकू के साथ शराब भी पीने लगा।

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