स्कूल शिक्षा विभाग : जबरिया कराया जा रहा ब्यूटीशियन कोर्स, छात्राओं को फाउंडेशन कोर्स खत्म होने का डर

भोपाल
गर्ल्स हायर सेंकडरी स्कूल की 9वीं और 10वीं की छात्राओं पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी डरा-धमकाकर हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी विषय के बदले ब्यूटी पार्लर का कोर्स करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि छात्राओं का ब्यूटीशियन कोर्स पढ़ने में कोई रुचि नहीं है।

डीईओ कार्यालय से रोजाना दो अधिकारी स्कूल में आकर सभी छात्राओं को ब्यूटीशियन लेने के लिए जोर जबरदस्ती कर रहे हैं। जबकि शासन हिंदी और संस्कृत के अस्तित्व को बचाने अभियान चला रहा है। बैरागढ़ के एक स्कूल सहित  ऐसी व्यवस्था भोपाल के तीन स्कूलों में और जमाई जा रही है।  ब्यूटीशियन कोर्स को जबरिया पढ़ाने के पीछे पूरा खेल प्राइवेट फंडिंग का है। विभाग द्वारा चलाई गए व्यावसायिक पाठ्यक्रम के चलते ब्यूटीशियन कोर्स बाहरी एजेंसी द्वारा स्कूल में चलाया जा रहा है। इसमें आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखे जा रहे हैं। बाहरी एजेंसी से कुछ अधिकारियों का कमीशन फिक्स है।

मार्कशीट में फाउंडेशन की जगह ब्यूटीशियन
ब्यूटीशियन कोर्स पढ़ाने के मामले में 31 जुलाई को छात्राओं ने पूर्व स्कूल प्रचार्य के खिलाफ नरेबाजी कर करियर बर्बाद करने के आरोप लगाए थे। 11वीं की छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के साथ ही ब्यूटीशियन का कोर्स भी पढ़ाया गया। ये छात्राएं जब 10वीं पास होकर 11वीं में पहुंची तो उन्हें ब्यूटीशियन कोर्स पढ़ने के लिए कहा गया था।

छात्राओं को यह नहीं बताया गया कि यह आॅप्शनल सब्जेक्ट है और इसकी जगह अंग्रेजी, हिंदी या संस्कृत में से कोई एक विषय छोड़ना पडेगा। ब्यूटीशियन कोर्स बंद न हो इस डर से स्कूल प्रबंधन ने 11वीं में छात्रों को ब्यूटी पार्लर के साथ तीनों कोर्स भी पढ़ाए। जब छात्राओं 11वीं मार्कशीट मिली तो फांउडेशन विषय की जगह ब्यूटीशियन कोर्स की अंकसूची मिली। छात्राओं ने शिकायत कर 12वीं में कोर्स बदलने की मांग की है। क्योंकि छात्राओं को आगे की पढ़ाई में मूल विषय न होने से उच्च शिक्षा में फांउडेशन के विषय खत्म होने डर साफ दिखाई दे रहा है।

इनका कहना
छात्राओं की ब्यूटीशियन कोर्स से संबंधित काउंसलिंग की गई है। उनकी मार्कशीट से अंग्रेजी विषय को नहीं हटाया जाएगा। उनके भविष्य को देखते हुए निर्णय लिए गए हैं।
नितिन सक्सेना, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल

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