चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने, फेल होने वाले स्कूली स्टूडेंट्स में सर्वाधिक ओबीसी कैटेगरी

भोपाल
ओबीसी को राजनीतिक क्षेत्र में और अधिक आरक्षण देने की भाजपा और कांग्रेस की सियासत के बीच चौंकाने वाले खुलासा सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित किए गए हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल के परीक्षा परिणों से यह बात सामने आई है कि पूरे प्रदेश में शहरी और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में नियमित पढ़ाई के बाद फेल होने वाले स्टूडेंट्स में सबसे अधिक ओबीसी कैटेगरी वाले विद्यार्थी हैं। इस कैटेगरी के फेल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या हाईस्कूल परिणाम में संख्या 1.35 लाख और हायर सेकेंडरी में 41 हजार से अधिक है। इसके साथ ही हायर सेकेंडरी में एससी कैटेगरी के 17 हजार, एसटी के 16 हजार तथा हाईस्कूल में एससी कैटेगरी के फेल स्टूडेंट्स की संख्या 69 हजार और एसटी की 68 हजार से अधिक है।  

जिन कैटेगरी के बच्चों के लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, कोचिंग और अन्य सुविधाओं के नाम पर सबसे अधिक राशि खर्च कर रही है उन एससी, एसटी, ओबीसी कैटेगरी के विद्यार्थियों का परफार्मेंस हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में सबसे कमजोर रहा है। हाईस्कूल परीक्षा में फेल हुए 293528 विद्यार्थियों में सबसे अधिक विद्यार्थी इन्ही तीन कैटेगरी के हैं। इसमें शहरी इलाकों के स्कूल में पढ़ने वाले 31612 और 38200 ग्रामीण स्कूलों के एससी कैटेगरी के छात्र फेल हुए हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्र में एसटी कैटेगरी के 17628, ओबीसी के 59317 और जनरल कैटेगरी के 14087 विद्यार्थी फेल हुए हैं। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के स्कूलों के रिजल्ट बताते हैं कि एसटी कैटेगरी के 37366, ओबीसी के 76242 और जनरल कैटेगरी के 13230 विद्यार्थी परीक्षा पास नहीं कर सके हैं। ट्रायबल के स्कूलों के परिणाम से पता चलता है कि एसी के 755, एसटी के 3325, ओबीसी के 1527 और जनरल कैटेगरी के 249 विद्यार्थी इस साल पास नहीं हो सके हैं।

हायर सेकेंडरी में यह रही प्रदेश की स्थिति
हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा परिणाम से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में एससी कैटेगरी के 9503, एसटी के 6766, ओबीसी के 20560 और जनरल कैटेगरी के 6426 विद्यार्थी फेल हुए हैं। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में पढ़ाई करने वाले एससटी कैटेगरी के 7976, एसटी के 9698, ओबीसी के 21269 और जनरल कैटेगरी के 5231 विद्यार्थी फेल हुए हैं।

इस तरह की सुविधाएं देती है सरकार
एससी, एसटी और ओबीसी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए राज्य सरकार स्कालरशिप, आवास सहायता, छात्रावास और स्कूल में प्रवेश के अलावा केंद्र सरकार की ओर से इन वर्गों के बच्चों के शैक्षणिक विकास पर हर साल अरबों रुपए खर्च करती है। इनके लिए गणवेश, सायकिल, किताबें, मध्यान्ह भोजन और अन्य सामग्री भी निशुल्क दिए जाते हैं। इसके बाद भी स्थिति उतनी संतोषप्रद नहीं है जितनी कि सरकार इनके शैक्षणिक विकास पर खर्च कर रही है। ऐसे में सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन और इन्हें दिए जाने वाले लाभ की समीक्षा करने की जरूरत बताई जाने लगी है।

Related Articles

Back to top button