ओल्ड सिटी में फिर रात में खुल रहीं दुकानें

भोपाल

राजधानी में करीब पांच महीने पहले नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विकास कार्यों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में शहर में देर रात खुलने वाली दुकानों को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके बाद भोपाल के एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने देर रात खुलने वाली दुकानों को बंद कराने के आदेश दिए थे।

लेकिन इन आदेशों को दरकिनार कर पुराने शहर में अब भी देर रात तक मटन-चिकन की दुकानें खुल रही हैं। जिस दुकान यानी जमजम को लेकर शहर के दो विधायकों के बीच तीखी टकरार हुई थी, वह दुकान अब भी 12 और सवा 12 बजे तक आराम से खुल रही है। यहां पर सैकड़ों की संख्या में ग्राहक रोड पर खड़े होकर खरीदी करके सड़क पर ही खड़े होकर खाना-पीना कर रहे हैं। इससे कई बार जाम की स्थिति भी बनती है।

सामाजिक संस्थाओं ने व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
राजधानी में नए और पुराने शहर में शासन के आदेशों की पहले भी कई बार धज्जियां उड़ाई जा चुकी है। नए शहर में पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण अधिकांश बाजार और खान-पान की दुकानें 11 बजे तक पूरी तरह से बंद कर दी जाती हैं। लेकिन पुराने शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के अलावा तमाम इलाकों में चाय, नाश्ता, होटल, रेस्टोंरेंट की दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं। कई सामाजिक संस्थाओं ने इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसर शहर में नियमों को लागू करवाने में हमेशा पीछे रहते हैं।

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