राज्य सरकार अब रोजाना निर्यातकों और व्यापारियों के साथ करेगी ऑनलाईन वीडियो कांफ्रेसिंग

भोपाल
मध्यप्रदेश से विदेशों को गेहूं और अन्य अनाज निर्यात करने वाले व्यापारियों को आ रही दिक्कतों को हल करने और उनकी समस्याएं सुलझाने राज्य सरकार अब रोजाना निर्यातकों और व्यापारियों के साथ आॅनलाईन वीडियो कांफ्रेसिंग करेगी। इसके साथ ही एक एक्सपोर्ट हेल्पलाईन नंबर भी प्रारंभ कर दिया गया है जिसके जरिए निर्यातकों की मदद की जाएगी।

निर्यातकों के पंजीयन के लिए आॅनलाईन पोर्टल भी प्रारंभ किया गया है। एक निर्यात डेशबोर्ड भी शुरू किया गया है। मध्यप्रदेश से इस बार व्यापारियों द्वारा मंडियों में किसानों से पिछले साल की अपेक्षा काफी अधिक खरीदी की गई है इसके चलते एमएसपी पर खरीदी कम हो रही है। एक मार्च से लेकर पंद्रह अप्रैल तक तक व्यापारियों ने सीधे किसानों से 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जबकि पिछले साल इस अवधि में केवल बारह लाख टन गेहूं की खरीदी ही समर्थन मूल्य से उपर हुई थी। प्रदेश के खरीदी केन्द्रों पर हो रही समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी में अब तक केवल दस लाख टन गेहूं की खरीदी ही हो पाई है।

वीसी में सीधे जुड़ सकेंगे निर्यातक व्यापारी
रोजाना मंडी बोर्ड की आॅनलाईन वीसी सुबह साढ़े दस से बारह बजे तक होगी। प्रदेश से विदेशों में गेहूं और अनाज निर्यात करने वाले चालीस व्यापारियों का एक वाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। इसमें रोजाना वीसी के लिए लिंक डाली जाएगी। जो भी निर्यातक या व्यापारी किसी तरह की दिक्कत में है। उहें मंडी फीस की प्रतिपूर्ति कैसे होगी इसके लिए क्या करना होगा इसकी जानकारी दी जाएगी। इसमें उन्हें किसी किस्म की दिक्कत आ रही है तो उसे दूर किया जाएगा। इसके अलावा रेलवे पर या पोर्ट से जुड़ी किसी तरह की समस्या आ रही हो तो उसे भी दूर किया जाएगा। मंडी से माल खरीदने या उसे लाने- ले जाने में कोई दिक्कत हो तो उसे भी दूर किया जाएगा।

निर्यात डैशबोर्ड
 व्यापारियों ने रोजाना कितना अनाज निर्यात किया उसे प्रदर्शित करने के लिए एक डैशबोर्ड भी शुरु किया गया है। इस पर व्यापारी रोजाना की जानकारी देंगे और बिक्री के आंकड़े इसमें प्रदर्शित किए जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका , मोजाम्बिक तथा जिम्बाबे के आायातकों को लागत पत्र भेजे जा रहे है।

 2100 रैक के लिए इंडेंट लंबित
अब तक मध्यप्रदेश के गेहूं को निर्यात करने के लिए 87 रैक जा चुके है। अभी भी 21 सौ रैक इंडेंट लगे हुए है। अगले दस दिनों में लगभग 2000 रैक लगने की संभावना है। लगभग बीस लाख टन गेहूं निर्यात की संभावना है।

निर्यातकों के पंजीयन के लिए पोर्टल, कॉलसेंटर भी
निर्यातकों के पंजीयन के लिए एक पोर्टल शुरु किया गया है। इस पर निर्यात के लाइसेंस के लिए व्यापारी पंजीयन करा सकेंगे। इसमें लाइसेंस से जुड़ी उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा। लाइसेंस जारी किए जाएंगे।  इसके अलावा एक कॉल सेंटर शुरु किया गया है। इसपर एक्पोर्ट हेल्पलाइन नंबर 1800233374 पर निर्यातक और व्यापारी अपनी समस्याओं को बता सकेंगे, जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

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