लगातार त्यौहारों के बीच प्रदेश पुलिस अलर्ट, दंगाइयों की तलाश में छापे

भोपाल/खरगोन
खरगोन में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात छुटपुट घटनाओं को छोड़ कर शांति रही। हालांकि इस दौरान पुलिस को अफवाहों ने परेशान कर दिया। रात में करीब आधा दर्जन जगहों पर अफवाहों के कारण पुलिस को अपना मूवमेंट तेज करना पड़ा। इधर रामनवमीं के बाद से आज सुबह तक 25 आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। कुछ जगह पर पथराव की घटनाएं भी हुई, लेकिन पुलिस ने इन घटनाओं को तत्काल काबू में कर लिया। इसके चलते शहर में तेजी से अफवाह फैलने लगती है। अफवाह के चलते पुलिस को भी बार-बार  पुलिस बल भेजना पड़ रहा है।  

अब पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों को भी हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। वहीं अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।  करीब तीन दर्जन लोग और संदेही अभी पुलिस हिरासत में हैं। इन सभी के खिलाफ अब तक 25 आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जा सके हैं। इधर सेंधवा में भी रामनवमीं पर हुई हिंसा के मामले में अब तक 13 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। यहां पर 28 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अभी कई और आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है।  

मस्जिदों में CCTV लगाना एक अच्छी पहल: नरोत्तम
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरा लगाना एक अच्छी पहल है। ताकि सभी जगह शांति बनी रहे। इससे अगर कोई भ्रम दूर होता है तो सीसीटीवी जरूर लगाएं। गृहमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी मंत्री गणों से कहा है कि अपने प्रभार वाले जिलों में त्योहारों को देखते हुए एहतियात बरतें। शासन प्रशासन  पूरी तरह अलर्ट है। खरगोन में लागू कर्फ्यू को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि  इसका निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा। खरगोन में पलायन की खबरों पर मिश्रा ने कहा कि ये कहना ठीक नहीं है कि कोई घर बिकाऊ है और लोग पलायन कर रहे हैं। यह पूरी तरह से असत्य और भ्रामक खबर है।

पुलिसकर्मियों और अफसरों की छुट्टी निरस्त
हनुमान जयंती सहित आने वाले दिनों में धार्मिक जुलूसों की विशेष सुरक्षा रहेगी। महावीर जयंती और अंबेडकर जयंती पर भी निकलने वाले जुलूस और होने वाले समारोह में शांति भंग की स्थिति न बने इसके चलते सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिये गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि  त्यौहारों पर किसी भी तरह की शांति भंग नहीं होना चाहिए।

Related Articles

Back to top button