विकास के हर पैमाने पर प्रदेश अव्वल, CM शिवराज करेंगे MP गुड गवर्नेंस और डेवलपमेंट रिपोर्ट लॉन्च

भोपाल
मध्यप्रदेश के सुशासन और डेवलपमेंट 2022 की रिपोर्ट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को दिल्ली में लॉन्च करेंगे। इसमें वे प्रदेश की सुशासन और विकास क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों को बताएंगे। यह रिपोर्ट अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा तैयार की गई है, जिसमें अलग-अलग मुद्दों पर दूसरे राज्यों की स्टडी पर तुलनात्मक जानकरी भी दी गई है।

मध्यप्रदेश पिछले 15 सालों में कई योजनाओं के क्रियान्वयन में देश भर में आगे रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चाहे लाड़ली लक्ष्मी योजना से बालिका और महिला सशक्तिकरण हो या सिंचाई के रकबे में हुई उत्तरोत्तर प्रगति, मध्यप्रदेश अनेक नवाचारों और सुशासन के सफल प्रयासों में अग्रणी रहा है। इनमें स्टार्ट अप नीति लाने, हर महीने रोजगार दिवस का आयोजन, शिक्षा के क्षेत्र में सीएम राइज स्कूल प्रारंभ करने की पहल और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक समृद्धि दिलवाने, अधो-संरचना मजबूत करने, सुशासन के लिए 15 वर्ष पहले की गई सुशासन संस्थान की स्थापना को शामिल किया गया है।  रिपोर्ट में दो साल के कामों पर सर्वाधिक फोकस किया गया है।

इसमें बताया गया है कि संस्थान द्वारा कोविड-19 एक वैश्विक महामारी के समय लॉक डाउन के कारण हमारे प्रदेश में पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं किस प्रकार प्रभावित हुई? इसके लिए मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों में टीकाकरण एवं कुपोषण की स्थिति तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों की भूमिका का अध्ययन हेतु विषेषकर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह अध्ययन किया गया हैं।  अध्ययन हेतु मध्यप्रदेश के 3 अनुसूचित जनजाति वाले जिलों का चयन किया गया हैं। जिलों का चयन उद्देश्यपूर्ण सैम्पलिंग से किया गया हैं।

सरकार की सफलता के प्रतीक
मध्यप्रदेश में वन-डे गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस, अंकुर योजना, जन पंचायत, स्वास्थ्य क्षेत्र में लिंगानुपात में सुधार, कोविड महामारी के प्रबंधन में जन-भागीदारी, सुविचारित रणनीति से कोविड नियंत्रण, वैक्सीनेशन रणनीति, क्राइसिस मैनेजमेंट समितियाँ गठित कर कोविड नियंत्रण और जन-जागरुकता बढ़ाने में उनका सहयोग लेने, कोविड अनुग्रह योजना, आयुष क्षेत्र में जनता को लाभान्वित करने, नगरीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास के प्रयास सफल रहे हैं। प्रदेश में जल-संरक्षण, कृषि क्षेत्र में आॅर्गेनिक हब, एफपीओ, खाद्य प्र-संस्करण, स्वच्छ जल उपलब्ध कराने, औद्योगिक विकास के साथ ही मेन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में सक्रियता, ग्रामीण परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने, देवारण्य जैसी उपयोगी योजनाएँ लागू करने, नर्मदा सेवा यात्रा से लोगों को पर्यावरण के प्रति सजग बनाने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान पौध-रोपण अभियान, अंकुर योजना के क्रियान्वयन पर भी ध्यान दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में वित्तीय क्षेत्र में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की मुख्यमंत्री स्तर से नियमित बैठकों और ऋण-अनुदान योजनाओं के क्रियान्वयन के लक्ष्य पूरे करने के प्रयास भी उल्लेखनीय हैं।

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