कोविड में अनाथ हुए स्टूडेंट्स को पॉलीटेक्निक में मिलेंगे एडमिशन

भोपाल
प्रदेश की सभी निजी और सरकारी पालीटेक्निक में प्रधानमंत्री केयर के तहत दो-दो सीटों हर ब्रांच में दी गई हैं। इसमें सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके माता-पिता कोविड संक्रमण का शिकार हुए हैं। ऐसे अनाथ विद्यार्थियों से प्रवेश का कोई भी शुल्क पालीटेक्निक नहीं ले सकेंगी।  

सूबे में 137 निजी और सरकारी पालीटेक्निक संचालित हो रही हैं। इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग को एआईसीटीई की 2022-23 की हैंडबुक भेज दी गई है। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कोविड में अनाथ हुये विद्यार्थियों को पीएम केयर कोटे के तहत प्रवेश दिये जाएंगे। आगामी सत्र में प्रवेश देने के लिये विभाग सभी पालीटेक्निक का डाटा तैयार कर रहा है। हालांकि महिला बाल विकास विभाग में डेढ हजार विद्यार्थियों के अनाथ होने का डाटा पहुंच गया है, जिसमें बच्चे के माता और पिता कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर मृत्यु हुई है।
 राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील कुमार गुप्ता भी इंजीनियरिंग कालेजों में कोरोना संक्रमण से अनाथ हुये विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश कराने के लिये शासन से गुहार लगा चुके हैं। उनकी गुहार भी आगामी सत्र की काउंसलिंग के दौरान अपना असर दिखाएगी।

नहीं होगी फीस में कोई बढ़ोतरी
विगत दो वर्षों में कोरोना के चलते प्रदेश के हर परिवार को काफी आर्थिक क्षति हुई है। इसलिये शासन ने आगामी सत्र में प्रवेश देने लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। कोरोना को ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्रदेश के सभी निजी और सरकारी 1301 कॉलेजों को आदेशित किया है कि वे अपनी फीस में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं करेंगे। वे पूर्व में निर्धारित की गई फीस के तहत ही विद्यार्थियों को प्रवेश देगें। सरकारी कॉलेजों में आटोनोमश कोर्स का संचालन किया जाता है। प्राचार्य उनके शुल्क में कभी भी बढ़ोतरी कर देते हैं। इसलिये विभाग ने प्राचार्यों को भी आदेशित किया है कि वे आटोनोमश कोर्स की आड लेकर फीस में किसी भी प्रकार की बढोतरी नहीं करेंगे।

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