पुलिस अधीक्षक रैंक के अफसरों की भरमार, कॉडर रिव्यू से पहले SP पद जा सकता है IPS को

भोपाल
प्रदेश में एसपी रेंक के अफसरों की भरमार होने के चलते ईओडब्ल्यू एसपी का पद पर राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की जगह पर आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग की जा सकती है।

इस संबंध में एक प्रस्ताव गृह विभाग के पास पेंडिंग पड़ा हुआ है। हालांकि यह प्रस्ताव कॉडर रिव्यू के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे कॉडर रिव्यू होने से पहले लागू किया जा सकता है। सूत्रों की मानी जाए तो ईओडब्ल्यू ने अपने सातों यूनिटों के एसपी का पद राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की जगह पर आईपीएस अफसरों को दिये जाने का प्रस्ताव बनाया था। यह प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया, जहां से गृह विभाग यह प्रस्ताव जा चुका है।

इस प्रस्ताव को बनाया तो गया था कॉडर रिव्यू के लिए, ताकि कॉडर रिव्यू में ईओडब्ल्यू के सभी यूनिटों में एसपी का पद आईपीएस अफसरों को दिया जा सके, लेकिन कॉडर रिव्यू में लगातार हो रही देरी के चलते अब राज्य शासन की यह व्यवस्था कर सकता है कि पुलिस अधीक्षकों के पदों पर आईपीएस अफसरों को पदस्थ किया जाए।

इसलिए ऐसा हो सकता है
प्रदेश पुलिस में वर्ष 2009 से लेकर अब तक 135 आईपीएस अफसर हैं। इनमें से वर्ष 2016 बैच तक के अफसर जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। वर्ष 2009 से 2016  तक के अफसरों की संख्या करीब 120 है। इनमें से करीब 19 अफसर बतौर एआईजी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ हैं। जबकि पुलिस मुख्यालय में इतने एआईजी की जरूरत ही नहीं है। वहीं मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसपी रेंक के अफसरों को एआईजी की समान पद से संबोधित किया जाता है। ऐसे में कम से कम आईपीएस पुलिस मुख्यालय में एआईजी के तौर पर पदस्थ रहे, इसलिए यह ईओडब्ल्यू में एसपी का पद आईपीएस को देकर रास्ता निकाला जा रहा है।

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