सुरखी का श्मशान घाट उपेक्षा का शिकार

सुरखी
सुरखी विधानसभा में विकास के दावों और वादों का बखान तो हर जगह और हर मंच से सुनने में आता है लेकिन जमीनी हकीकत तो जमीन पर उतरकर ही देखी जा सकती है। अब सुरखी नगर परिषद् के शमशान घाट को ही देख लीजिए जहां किसी के अंतिम संस्कार में पहुंचने वाले लोगो को खडेÞ होने के लिए भी स्वच्छ जगह ढूंड़ते नजर आते हैं क्योंकि इस शमशान घाट को लोग शौच मैदान के रुप में उपयोग करते हैं जिसके कारण जगह-जगह गंदगी पड़ी रहती है। दूसरा कारण यहां फैली घनी लंबी गाजर घास जो शौच करने वालों के लिए दीवार रुपी आड़ हैं।

नगरवासियों ने सुरखी नगर परिषद् में अनेकों बार इसकी शिकायत भी की और यह बात मीडिया की सुर्खियां भी बनी लेकिन लगता है कि नगर परिषद ने जिद पाल रखी है कि अगर कोई किसी प्रकार की शिकायत करेगा तो उस पर अमल नहीं किया जायेगा। शमशान घाट में बाउंड्रीवाल शमशान घाट की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। लेकिन यही बाउंड्रीवाल शौच करने वालों के लिए आड़ बन गई और शमशान घाट के लिए मुसीबत क्योंकि यहां लगे दोनों गेट हमेशा खुले रहते हैं। गर्मियों के दिनों में तो परेशानी और बड़ जाती है जब लोग कड़ी धूप में खुले में खडेÞ रहते हैं और बरसात में अगर दो से अधिक मौतें हो जायें तो तीसरे शव को अंतिम संस्कार करने के लिए जगह ही नहीं बचती क्योंकि यहां केवल दो लोगों के अंतिम संस्कार करने के लिए ही टीन शेड है जिसमें भी चिंता को साधने के लिए ऐंगिल भी नहीं लगे हैं।

सुरखी विधानसभा के सुरखी नगरवासियों ने को बडी उम्मीद थी कि क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह राजपूत मंत्री बन गये है तो बहुत विकास होगा लेकिन यहां तो मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नसीब होती दिखाई नहीं दे रही न हैं लगता है जिम्मेदारों को या तो जिम्मेदारी का अहसास नहीं है या फिर कोई जिद पाल रखी है कि जो भी करेंगें अपनी मर्जी से करेंगे। अगर किसी ने कोई शिकायत या सुझाव दिया तो वह काम तो नहीं होगा क्योंकि ऐंसे अनेकों मामले देखे गये है जब लोगो ने जनहित के किसी अच्छे काम के लिए आवाज उठाई तो उस पर आंख मूंद ली गई।

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