शिक्षक लाला बैगा कर रहा फर्जीवाड़ा

शहडोल
अगर बात की जाए तो इन दिनों पंचायत चुनाव पूरे जोरों पर हैं और हर कोई अपने प्रत्याशी को आगे लाकर किसी भी कीमत पर विजय दिलाना चाहता है जिसके लिए वह यह नहीं देखता कि क्या गलत है क्या सही कुर्सी की लालच में वह इतना पथभ्रष्ट हो जाता है कि उसके लिए वह कुछ भी कर सकता है फिर चाहे बात फर्जी एनओसी की हो जाति प्रमाण पत्र की हो या फिर  फर्जी शपथ पत्र हो l चुनावी रण में ऐसा ही एक मामला सामने आया है l

यह है पूरा मामला
मामला  जनपद पंचायत बुढ़हार के बहगढ़ क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 का है जहां पर प्राथमिक विद्यालय बहगढ़ के शिक्षक लाला बैगा के द्वारा फर्जी शपथ पत्र एवं फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी शिक्षक होने का लाभ ले रहे हैं साथ ही साथ लाला बैगा   अपनी पत्नी विनीता बैगा को भी वार्ड नंबर 7 से जनपद सदस्य का चुनाव लड़ा रहे हैं जहां पर इनके द्वारा फर्जी शपथ पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र का लाभ लेते हुए यह वहां से जनपद सदस्य की कुर्सी पाना चाहते हैं जबकि यह दोनों पति पत्नी भरिया जाति से  तालुकात रखते हैं जबकि लाला बैगा के पिता सुख सेन बैगा भी भरिया जाति से ताल्लुक रखते हैं l

इतना ही नहीं मतदाता सूची में भी इनका नाम क्रमांक 3 पर है जोकि बैगा के लिए अंकित है l जबकि इनके ससुर     सुखसेन  बैगा तीन भाई हैं l गोज्जे भरिया भूखसेन भरिया सुख सेन बैगा उपयुक्त दोनों भाइयों के पुत्र एवं पुत्री आज भी राजस्व  के रिकॉर्ड मैं भरिया जाति का ही उल्लेख है।

शिक्षक लाला बैगा झुक रहा शासन की आंखों में धूल जोकि लाला बैगा शासकीय कर्मचारी है जिसके चलते कूट रचित तरीके से इसने अपने रिकॉर्ड में हेराफेरी करके हरिया जाती का उल्लेख ना करा कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने के उद्देश्य से इसने अपने संपूर्ण दस्तावेजों में बैगा जाति का उल्लेख कराया है इतना ही नहीं बल्कि शिक्षक महोदय शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद भी चुनाव प्रचार में अपनी धर्मपत्नी का पूरा साथ देते हैं।

मगर यह बात कुछ हजम नहीं होती की इतने साल से एक ही विद्यालय में पदस्थ होते हुए क्या इनके दस्तावेजों की पूर्णता सत्यापन या विशेष रूप से कोई जांच की गई या नहीं क्या आला अधिकारियों के द्वारा इस शिक्षक को बचाया जा रहा है ।

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