पिछले साल मार्च में किया था एग्रीमेंट, सुशासन संस्थान नहीं बना सका बच्चियों की तस्करी रोकने प्लान

भोपाल
प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चियों की तस्करी रोकने के लिए मजबूत प्लान बनाने का जिम्मा जिसे पुलिस मुख्यालय ने सौंपा वह सवा साल बाद भी प्लान नहीं बना सका। पुलिस मुख्यालय की ओर से लगातार इस संबंध में पत्राचार हो रहा है, लेकिन अब तक इस संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान प्लान बनाकर पुलिस मुख्यालय को नहीं दे सका है।

बताया जाता है कि पिछले साल मार्च में पुलिस मुख्यालय और अटल बिहारी सुशासन संस्थान के बीच में एक एग्रीमेंट हुआ था। जिसके तहत पांच बिंदुओं पर संस्थान को तीन महीने के भीतर इस पर कार्ययोजना बनाना थी। इस पर कुछ खर्च भी होना था, जिसे पुलिस मुख्यालय वहन करने को तैयार हो गया था। प्रदेश पुलिस की महिला सुरक्षा शाखा को यह प्लान चाहिए था। इसके बाद अब तक यह प्लान नहीं बनाया जा सका। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी अब तक इस पर कोई काम नहीं हो सका है।

महिलाओं और बच्चियों के प्रति होने वाले अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सिस्टम को मजबूत करने में सहायता करने वाली प्रणाली को डिजाइन करने के लिए काम करना। जिसमें सुरक्षा के अलावा प्रभावी कानून प्रवर्तन के साथ ही महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध की त्वरित रोकथाम और उस संबंध में पता लगाया जाना।  मानव तस्करी से बचाने के लिए उसकी रोकथाम, बचाव, पुनर्वास के साथ ही जागरुक करने के लिए अध्ययन करना और विशिष्ट हस्तक्षेप का प्रस्ताव तैयार करना।  

महिला और बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूदा कानून और पुलिस प्रक्रियाओं में परिवर्तन का प्रस्ताव एवं नीति निर्माण संबंधी सहायता प्रदान करना। संगोष्ठियों कार्यशालाओं और प्रदर्शनियां लगाना। इन मुद्दों पर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रयासों को एकीकृत करने के लिए सिस्टम को डिजाइन करना। इन सभी विभाग के साथ मिलकर खासकर मानव तस्करी रोकने का प्रयास करना। जैसे बिंदु इसमें शामिल थे।

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