335 करोड की नजूल की जमीन का केस कोर्ट में ख़ारिज ,कलेक्टर ने मामले को रीओपन कराने के निर्देश दिए

सागर

सागर में खुरई मार्ग पर भाग्योदय अस्पताल के सामने सुभाग्योदय फर्म द्वारा खरीदी गई जमीन बीते चार साल से विवादों में फंसी है। जमीन नजूल की बताई जाती है और इसे लीज पर दिया गया था। वर्तमान में जमीन की कीमत करीब 335 करोड रुपए आंकी जा रही है, जबकि इसकी रजिस्ट्री महज 35 करोड़ में कराई गई थी। मामले में तत्कालीन कलेक्टर विकास नरवाल ने कोर्ट में प्रशासन की तरफ से याचिका दाखिल कराई थीं। बीते एक साल में 13 पेशी हुईं, लेकिन प्रशासन की तरफ से एक भी गवाही या जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। आखिर में दो दिन पहले कोर्ट ने यह केस खारिज कर दिया था। अब किरकिरी के बाद वर्तमान कलेक्टर दीपक आर्य ने मामले को नए सिरे से कोर्ट में रीओपन कराने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने नजूल शाखा की अधिकारी का प्रभारी बदल दिया, कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता को बदल दिया है। मामले में फाइल खंगाली जा रही हैं। गुरुवार को कोर्ट में प्रशासन की तरफ से याचिका दाखिल कराने के लिए कार्यवाही चलती रही।

यह है पूरा मामला
जिला प्रशासन ने सुभाग्योदय की जमीन बिकने के बाद मामले में जांच कराई थी। कलेक्टर ने इस मामले में नजूल की जमीन जिसे लीज पर दिया गया था, उस जमीन को वापस लाने के लिए कोर्ट में केस लगाया था। करीब तीन साल से कोर्ट में केस के दौरान प्रशासन के सरकारी वकील फाइल ही प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले में दूसरे अधिवक्ता रामावतार तिवारी नियुक्त हुए तो उनको बीते एक साल में यह फाइल ही देखने को नहीं मिली। प्रशासन की तरफ से कोर्ट में न नजूल अधिकारी गवाही देने पहुंचे व कोई अन्य अधिकारी गवाही देने पहुंचा था। इस कारण दो दिन पूर्व कोर्ट ने यह केस खारिज कर दिया था।

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