कमिश्नर ने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की समीक्षा की

  • अधिकारी आवेदन पत्रों का निराकरण कर उसे पोर्टल में अपलोड करें – कमिश्नर

रीवा
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी अभियान के दौरान शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण कर उसे पोर्टल में अपलोड कराएं। सभी 33 योजनाओं तथा अन्य विभागीय योजनाओं के आवेदन पत्र दर्ज करें। कुछ योजनाओं में नाममात्र के आवेदन दर्ज हुए हैं। ऐसी स्थिति सहन नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री जी की उच्च प्राथमिकता की योजना में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
    
कमिश्नर ने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें। विकासखण्ड स्तर और ग्राम स्तर पर जनसेवा में प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण की समीक्षा करें। सभी एसडीएम अपने अनुभाग में अभियान की नियमित निगरानी करें। लाड़ली लक्ष्मी योजना में केवल 623 आवेदन पत्र दर्ज हुए हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में 184, नि:शक्त विद्यार्थियों के लिए सहायता के लिए 52 तथा मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना में केवल 47 आवेदन पत्र दर्ज हुए हैं। संबंधित अधिकारी सभी पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र प्राप्त कर उन्हें दर्ज कराएं। अभियान के बाद अगर आवेदन पत्र प्राप्त हुए तो संबंधित विभागीय अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी। अभियान के दौरान आयुष्मान योजना में 97514 आवेदन पत्र दर्ज हुए हैं। अभी लगभग 6 लाख लोगों के आवेदन पत्र दर्ज करना शेष है। रीवा नगर निगम क्षेत्र तथा अन्य नगरीय निकायों में आयुष्मान योजना के आवेदन पोर्टल में अपलोड नहीं किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दो दिन की समय सीमा में सभी आवेदन पत्र दर्ज कराएं। उज्ज्वला योजना में भी केवल 985 आवेदन पत्र दर्ज हुए हैं। अपर कलेक्टर गैस एजेंसियों में लंबित सभी आवेदन पत्र पोर्टल में दर्ज कराएं।
    
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि तीन वर्षों से स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाने के शिविर नहीं लगे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी तथा एसडीएम मिलकर अभियान के दौरान सभी स्कूलों में शिविर लगाकर पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र जारी करें। लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से भी जाति प्रमाण पत्र के आवेदन निराकृत कराएं। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कमिश्नर ने मातृ वंदना योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता तथा नि:शक्त पेंशन योजना के प्रकरणों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि कार्यपालन यंत्री पीएचई तथा जलजीवन मिशन के प्रभारी समूह नलजल योजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही करें। अपर कलेक्टर खाद्यान्न के आवंटन, उठाव, परिवहन एवं वितरण की हर सप्ताह समीक्षा करें। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए समय पर आवंटित खाद्यान्न उपलब्ध कराएं। जिले भर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू करें। सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण करें। कलेक्टर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा करें।
    
बैठक में कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि जनसेवा अभियान में अब तक 177235 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। इन आवेदन पत्रों में से 156405 आवेदन पत्र संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यवाही करके निराकृत किए गए हैं। इनमें पात्र हितग्राहियों के 147201 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए हैं। विभिन्न कारणों से 9204 आवेदन पत्र अस्वीकृत हुए हैं। अस्वीकृत आवेदनों का पुन: परीक्षण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के पास 30677 आवेदन पत्र कार्यवाही के लिए लंबित हैं। निराकृत आवेदन पत्रों में स्वीकृत आवेदनों का प्रतिशत 94.17 है। अभियान के दौरान आयुष्मान योजना में 97514 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 91715 आवेदन पत्र मंजूर करके इनमें आयुष्मान कार्ड जारी किए जा रहे हैं। बैठक में योजनावार तथा विकासखण्डवार आवेदन पत्रों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में आयुक्त नगर निगम मृणाल मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े, अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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