गृह निर्माण समिति को दिए चेक से अफसर ने खुद के खाते में जमा कराए लाखों रुपए, केवल चेतावनी देकर कर दिया माफ

भोपाल
विंध्य नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था की सदस्य नीलम श्रीवास्तव ने सहकारिता विभाग के उएप अंकेक्षक भोपाल सुधाकर पांडेय पर संस्था को दिए गए खाली चेक के जरिए ढाई लाख रुपए खुद के व्यक्तिगत खाते में जमा कराए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। बैंक के खातों से इसकी पुष्टि भी हुई है। इस मामले में सहकारिता आयुक्त संजय गुप्ता ने सुनवाई के बाद पांडेय को मात्र चेतावनी की सजा देकर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रकरण समाप्त करने के निर्देश दिए है। इस आशय की प्रविष्ठि सेवा अभिलेख में लाल स्याही से करने के निर्देश भी उन्होंने दिए है।

 जवाब में पांडेय ने कहा कि उनके विरुद्ध नीलम और अनिल श्रीवास्तव ने मिलकर झूठी शिकायत की है। वे झूठी शिकायत करने के आदी है। उन्होंने जांचकर्ता अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण कायम कराए जाने की अनुमति देने को कहा और उनका कारण बताओ नोटिस निरस्त करने की मांग की। पांडेय ने अपने अभयावेदन में जो तथ्य प्रस्तुत किए उसमें वे उनके दोनो आरोपो के संबंध में कोई भी अतिरिक्त दस्तावेज या कथन प्रस्तुत नहीं कर पाए। राशि उनके बैंक खातें में जमा होना प्रमाणित पाया गया।

इस मामले में सहकारिता आयुक्त संजय गुप्ता ने सुनवाई की। आयुक्त ने सुधकर पांडेय को भविष्य में शासकीय आदेशों, निर्देशों का पालन सजगतापूर्वक करने  हेतु भविष्य के लिए चेतावनी देकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक प्रकरण समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसकी प्रविष्टि उनके सेवा अभिलेख में लाल स्याही से की जाएगी।

यह था मामला
भोपाल में पदस्थ सहकारिता विभाग के उप अंकेक्षक सुधाकर पांडेय के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर उनपर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में उनसे जवाब मांगा गया था। आरोप पत्र में कहा गया है कि विंध्य गृह निर्माण सहकारी संस्था भोपाल के विरुद्ध नीलम श्रीवास्तव भोपाल ने शिकायत की थी। जांच प्रतिवेदन में श्रीवास्तव द्वारा संस्था को दिए गए रिक्त चैक में से ढाई लाख रुपए का चैक सुधाकर पांडेय के बैंक खाते में जमा होने के तथ्य की पुष्टि की गई है। इसके अलावा भोपाल में पदस्थी के दौरान अंकेक्षण हेतु आवंटित संस्थाओं का बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी उनके द्वारा अंकेक्षण कार्य कम किया। पल्लवी गृह निर्माण सहकारी संस्था भोपाल द्वारा भूमि क्रय-विक्रय एवं भूखंड आवंटन  व सदस्यता संबंधी जांच हेतु सौंपी गई शिकायत की जांच भी नियत समयसीमा में नहीं की गई। इस तरह पदीय कर्त्तव्यों के  निर्वहन मं घोर लापरवाही और उदासीनता बरती जाना पाया गया।

 

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