उज्जैन की पारेषण क्षमता को मजबूती प्रदान करने ट्रांसको ने ऊर्जीकृत किया 400 के.व्ही. का नया डबल सर्किट

उज्जैन
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक इंजीनियर सुनील तिवारी ने बताया कि गत दिवस पावर ग्रिड के हतुनिया इंदौर स्थित 765 के.व्ही. सब-स्टेशन से उज्जैन के ताजपुर स्थित 400 के.व्ही. सब-स्टेशन के बीच नव-निर्मित 400 के.व्ही. के डबल सर्किट फीडर को ऊर्जीकृत किया गया। इससे मालवा के बहुत बड़े क्षेत्र सहित उज्जैन शहर और आसपास के अन्य सब-स्टेशनों से जुडे औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को बहुत लाभ पहुँचेगा। उन्हें अब गुणवतापूर्ण बिजली उचित वोल्टेज लेवल पर प्राप्त हो सकेगी। इस सर्किट के ऊर्जीकृत होने से नागदा क्षेत्र भी लाभान्वित होगा, जिसे अब उज्जैन से भी बिजली सप्लाई प्राप्त करने का एक अतिरिक्त विकल्प मिल गया है।

500 मेगावाट तक मिल सकेगा उज्जैन को पावर
इस नई लाइन के प्रारंभ हो जाने से ताजपुर स्थित 400 के.व्ही. सब-स्टेशन उज्जैन को 500 मेगावाट तक का अतिरिक्त पावर मिल सकेगा, जिससे उज्जैन से जुड़े 400 के.व्ही. सब-स्टेशन नागदा, 220 के.व्ही. सब-स्टेशन शंकरापुरा, नलखेडा और बड़ौद तथा 132 के.व्ही. तराना, ज्योति नगर (उज्जैन) तथा 132 के.व्ही. विक्रम उद्योगपुरी सब-स्टेशन को भी लाभ पहॅुचेगा।

उज्जैन की स्थापित पारेषण क्षमता है 438 एम.व्ही.ए.
उज्जैन शहर की स्थापित पारेषण क्षमता 438 एम.व्ही.ए. की है। उज्जैन शहर में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कपंनी अपने चार सब-स्टेशनों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति करती है, जिसमें 220 के.व्ही. सब-स्टेशन शंकरापुरा, 132 के.व्ही. सब-स्टेशन ज्योति नगर, 132 के.व्ही. सब-स्टेशन रतडिया (मुल्लापुरा) तथा 132 के.व्ही. सब-स्टेशन भैरूगढ़ शामिल है।

उज्जैन में 150 मेगावाट तक जाती है बिजली की डिमांड
उज्जैन शहर में फिलहाल ट्रांसमिशन कंपनी लगभग 90 से 100 मेगावाट विद्युत आपूर्ति कर रही है। गर्मी का सीजन बढ़ने से यह डिमांड डेढ़ गुनी तक जाने की संभावना है, जिसे पूरा करने मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कपंनी की पूरी तैयारी है।

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