आज ऐतिहासिक दिन… दशकों बाद भारत की धरती पर फिर लौटे चीते- PM मोदी

ग्वालियर
पीएम नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। दशकों बाद भारत की धरती पर चीते लौटे हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीतों को कूनो अभयारण्य के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ दिया है।

चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा: पीएम
पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा, इंतजार करना होगा. आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं. कूनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाएं, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा.कूनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहां का ग्रासलैंड इकोसिस्टम फिर से बहाल होगा, जैव विविधता और बढ़ेगी। आने वाले दिनों में यहां पर्यावरण पर्यटन भी बढ़ेगा। यहां विकास की नई संभावनाएं जन्म लेंगी।मानवता के सामने ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं, जब समय का चक्र हमें अतीत को सुधारकर नए भविष्य के निर्माण का मौका देता है। आज सौभाग्य से हमारे सामने एक ऐसा ही क्षण है।

नामीबिया और वहां की सरकार का धन्यवाद: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं। मुझे विश्वास है कि ये चीते ना केवल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का बोध कराएंगे, बल्कि हमारे मानवीय मूल्यों और परंपराओं से भी अवगत कराएंगे।'

ग्वालियर एय़रपोर्ट पर सीएम शिवराज ने किया पीएम मोदी को रिसीव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान जब ग्वालियर एयरपोर्ट पर उतरा तो उनके स्वागत के लिए मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मौजूद थे.

'दशकों पहले जैव-विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, विलुप्त हो गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है। आज भारत की धरती पर चीता लौट आए हैं। मैं ये भी कहूंगा कि इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृतिप्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है।'

'दशकों बाद हमारी धरती पर वापस आए चीता'

पीएम मोदी ने कहा, 'आज चीता दशकों बाद हमारी धरती पर वापस आए हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर मैं सभी भारतीयों को बधाई देता हूं। साथ ही नामीबिया की सरकार को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। यह उनकी मदद के बिना संभव नहीं हो पाता।

 

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