आधा दर्जन जिलों में पटाखा बैन को बताया संस्कृति पर हमला, आदेश शिथिल-निरस्त होने के आसार

भोपाल
प्रदेश के  ग्वालियर, कटनी, सिंगरौली समेत आधा दर्जन जिलों में दीपों के पर्व दीपावली पर पटाखे चलाने और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाने के कलेक्टरों के आदेश से कई बीजेपी नेता नाराज हैं। इन नेताओं ने संगठन और सरकार तक ट्वीट और अन्य माध्यमों से विरोध जताते हुए कहा है कि इस तरह के आदेश सिर्फ हिन्दुओं के त्यौहारों को लेकर जारी हो रहे हैं और यह हिन्दुओं के विरुद्ध साजिश है। अगर इसका मध्यमार्ग नहीं खोजा गया तो मानवता के साथ संस्कृति मिटने का खतरा भी उत्पन हो जाएगा। माना जा रहा है कि बीजेपी में इस मुद्दे को लेकर चल रही सियासी खींचतान के चलते कलेक्टर ऐन मौके पर आदेशों में शिथिलता की छूट दे सकते हैं।

हिन्दू संस्कृति के विरुद्ध एनजीओ के वातावरण का नतीजा
पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर पूर्व मंत्री और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने भी विरोध जताया है। पवैया ने ट्वीट के जरिये कहा है कि ग्वालियर में पटाखे पूर्णत: प्रतिबंध..? मन व्यथित है, हिंदू संस्कृति के विरुद्ध एनजीओ द्वारा बनाए जा वातावरण का नतीजा है यह। उन्होंने कहा कि अदालत का सम्मान भी रहे और परम्पराओं का अखंड दीप भी न बुझे, ऐसा मध्यमार्ग खोजने की आवश्यकता है। पवैया ने कहा पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर कहा कि एक दिन की ध्वनि से नहीं, मानवता तो संस्कृति मिटने से संकट में पड़ेगी। इसी तरह बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने भी पटाखों पर प्रतिबंध का विरोध करते हुए ट्वीट के जरिये कहा है कि ये पटाखों का मुद्दा हिंदुओं को चिढ़ाने का तरीका बन गया है माय लॉर्ड !

कोर्ट का हवाला देकर जारी हुए हैं आदेश
ग्वालियर कलेक्टर समेत कई जिलों के कलेक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण संबंधी 2021 की रिपोर्ट का हवाला देकर अपने जिले में पटाखा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर केस दर्ज करने की बात भी कही गई है। इसके चलते अब आम नागरिकों के साथ भाजपा नेता और सामाजिक संगठनों ने भी पटाखों पर प्रतिबंध का विरोध शुरू कर दिया है।

हिन्दुओं के खिलाफ बताई साजिश
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने पटाखों पर प्रतिबंध के विरोध में ट्वीट के जरिये कहा कि हिंदू यदि प्रतिबंधों को इसी तरह झेलता गया तो एक दिन घर से बाहर निकलना भी प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। हिंदू त्योहारों पर सन्नाटा पसरना तय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल पटाखों से प्रदूषण होता है? क्या केवल होली पर पानी बर्बाद होता है? क्या केवल नाग पंचमी पर ही सांप मर जाते हैं? क्या केवल मटकी फोड़ में ही दुर्घटना होती है? सोचिए! यह केवल हिंदुओं के साथ साजिश है।

सवाल उठाए- क्यों लगाने देते हैं पटाखे की दुकानें
इस बीच यह सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि आम लोगों के साथ दोहरी नीति भी प्रशासन के अधिकारी अपनाते हैं। पहले पटाखों की दुकानों को सजाने की छूट दी जाती है और फिर जब लोग पटाखे खरीद कर लाते हैं तो उसे चलाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इस तरह एक ओर हिन्दुओं को त्यौहार मनाने से रोका जाता है और दूसरी ओर उन्हें आर्थिक नुकसान की स्थिति में भी पहुंचाया जाता है।

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