पन्ना टाइगर रिजर्व में एक ही दिन मेंc

पन्ना
प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में एक ही दिन में दो बाघों की मौत की खबर सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार की सुबह एक 13 वर्षीय बाघ पी 111 को मौत हो गई और शाम को पी 234 के 10 माह के शावक का शव अकोला बफर के जंगल में मिला है।

जिससे पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। वहीं मध्यप्रदेश में बाघों की मृत्यु दर में बढ़ोत्तरी हुई है।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2008 के पहले बाघों की संख्या शुन्य हुआ करती थी और 2008-09 में पीटीआर में बाघ पुनर्स्थापना लागू की गई। प्रबंधन की दिनरात की मेहनत का नतीजा यह हुआ कि पीटीआर में बाघों के कुनबा बढ़ता गया और आज की स्थिति में 75 से अधिक छोटे बड़े बाघ यहां विचरण कर रहे हैं।

वही बीते एक वर्ष 25 शावकों ने जन्म लिया है, लेकिन पीटीआर में हो रही लगातार बाघों की मौत चिंता का विषय है। क्योंकि गुरुवार के दिन एक साथ दो बाघों की मौत की खबर सामने आई है।

पीटीआर प्रबंधन के अनुसार दोनों बाघों की मौत का कारण प्राकृतिक और आपसी फाइटिंग बताई जा रही है। फील्ड डारेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि बाघ पी 111 की उम्र 13 वर्ष से अधिक हो गई थी और वो किडनी की बीमारी से जूझ रहा था, जिससे उसकी मौत हो गई। जिसका शव पन्ना कटनी मार्ग में सड़क किनारे बरामद किया गया। जिसे प्राकृतिक मौत की श्रेणी में रखा जाएगा।

वहीं बाघ पी 234 के 10 माह के शावक की मौत आपसी फाइटिंग की वजह से हुई है, क्योंकि उसके शरीर मे घाव पाए गए है।गले मे खरोच के निशान भी मिले है। जिससे शावक की किसी बड़े बाघ से फाइटिंग हुई है। इस युवा बाघ का शव अकोला बफर क्षेत्र के सागौतीहार में मिला है।

हालांकि दोनों बाघों की मौत अकोला बफर क्षेत्र में हुई है। बाघ पी 111 का पोस्टमार्टम हो गया है। वही बाघ पी 234 के शावक का पोस्टमार्टम आज शुक्रवार की सुबह करवाया जाएगा।

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