यूजी व पीजी प्रवेश की प्रक्रिया समाप्त ,दो लाख 33 हजार सीटें अब भी खाली

भोपाल
 उच्च शिक्षा विभाग की ओर से छठवें राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया चलाई गई। इस राउंड में सबसे कम प्रवेश हुए है, सिर्फ 30 हजार विद्यार्थियों ने यूजी व पीजी में प्रवेश लिया है। यूजी व पीजी की छठवें चरण की काउंसलिंग 31 अगस्त को समाप्त हुई, इसमें साढ़े पांच लाख प्रवेश हुए हैं। अब भी दो लाख 33 हजार सीटें खाली रह गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 1330 प्राइवेट और सरकारी कालेजों की यूजी-पीजी की आठ लाख से ज्यादा सीटों पर प्रवेश देने की प्रक्रिया पर विराम लगा दिया है। विभाग यूजी-पीजी में पांच लाख 57 हजार प्रवेश करा सका है। अभी भी विभाग में करीब ढाई लाख लाख सीटें रिक्त बनी हुई हैं, जबकि विभाग ने प्रवेश का आंकड़ा को बढाने के लिये डेढ़ लाख सीटों की कटौती कर दी थी। इसके बाद भी प्रवेश का ग्राफ गत वर्ष के बराबर तक नहीं आ सका है।

यूजी-पीजी में सीटों की आठ लाख 10 हजार हैं। प्रवेश पर विराम लगने तक सभी राउंड में पांच लाख 57 हजार विद्यार्थियों ने कालेजों में प्रवेश लिए हैं। प्रदेशभर के कालेजों में यूजी-पीजी की साढ़े पांच लाख सीटें रिक्त रह गई हैं। विभाग प्रवेश के ग्राफ को ऊपर उठाना चाहता था।

कई योजनाएं भी नहीं लुभा सकीं

विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिए विभाग ने कई योजनाएं चला रखी हैं। इसके बाद भी प्रवेश के ग्राफ में ज्यादा तेजी नहीं आई है। गत वर्ष के मुकाबले वर्तमान सत्र में करीब एक लाख विद्यार्थियों के कम प्रवेश हुए हैं। विभाग विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिए कालेज चलो अभियान, गांव की बेटी, प्रतिभा किरण, छात्राओं को निश्शुल्क प्रवेश योजना संचालित कर रहा है। यहां तक प्रोफेसरों को प्रवेश का लक्ष्य सहित कई योजनाओं पर कार्य करने के बाद भी विभाग प्रवेश के आंकड़ें को ऊपर नहीं उठा सका है।

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