केन्द्रीय मंत्री खटीक ने की मध्यप्रदेश में दिव्यांग मोबाइल कोर्ट की सराहना

भोपाल 

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक ने मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन के लिये यूडीआईडी कार्ड बनाने में तत्परता और मोबाइल कोर्ट लगाकर दिव्यांगजन की समस्याओं के निराकरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। डॉ. खटीक ने कहा कि दूरस्थ अंचलों के दिव्यांगजन को उनके अधिकार दिलाना हम सबका प्राथमिक लक्ष्य है। केन्द्रीय मंत्री डॉ. खटीक गुजरात के केवड़िया में हुई दो दिवसीय संवेदीकरण राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मध्यप्रदेश के आयुक्त नि:शक्तजन कल्याण संदीप रजक ने प्रदेश में दिव्यांगजन के लिये किये जा रहे नवाचार और प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूनिक डिसएबिलिटि आईडी कार्ड (UDID) बनाने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। जिला स्तर पर मोबाइल कोर्ट और एडवोकेसी बैठकों में दिव्यांगजनों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।

रजक ने बताया कि मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन के प्रति नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये जनसंपर्क विभाग के माध्यम से MP.MYGOV.IN पर सुझाव लिये जाकर कार्यवाही भी की जाती है। प्राप्त सुझावों का योजनाओं के क्रियान्वयन में सफल प्रयोग किया जा रहा है। आयुक्त रजक ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाकर लाभ लेने वालों के विरूद्ध की जा रही सख्ती की भी जानकारी दी।

राष्ट्रीय कार्यशाला में एडिप योजना, पेंशन योजना, एलिमको सहायक उपकरण वितरण शिविर, नेशनल ट्रस्ट की योजनाएँ, जिला लोकल लेवल कमेटी, लीगल गार्जियनशिप कमेटी, प्रादेशिक समन्वय समिति और सभी प्रदेशों में दिव्यांगों के लिये समान अवसर नीति लागू करने पर गहन चिंतन एवं मंथन हुआ।

सचिव केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय सुअंजली भावरा, उप मुख्य आयुक्त डॉ. जनक राज ने अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में देश के लगभग सभी प्रदेशों के नि:शक्तजन कल्याण आयुक्त और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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