विजनरी सीएम बजट: MP होगा आत्मनिर्भर, पहली बार चाइल्ड बजट

भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने 2022-23 का बजट पेश किया। बजट के अनुसार राजकोषीय घाटा 52 हजार 511 करोड़ रुपए का घाटा। कुल प्राप्ति 2 लाख 49 हजार 152 करोड़ रुपए और व्यय 2 लाख 47 हजार 715 करोड़ रुपए।  वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए बताय वर्तमान वित्तीय वर्ष में लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक लगभग 2 हजार 200 किलोमीटर का सड़क निर्माण व उन्नयन, तथा 1 हजार 150 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण कार्य किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 21 वृहद पुल तथा रेल्वे ओव्हर ब्रिज भी पूर्ण किये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट प्रस्ताव में लगभग 3 हजार किलो मीटर के नवीन सड़क कार्य, लगभग 1 हजार 250 किलोमीटर का सड़क नवीनीकरण कार्य तथा 88 नवीन पुल निर्माण सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा मुझे सदन को अवगत कराते हुये हर्ष है कि अटल प्रगति पथ का कार्य प्रारंभ हो गया है। माँ नर्मदा के उद्गम स्थल से प्रारंभ होकर अंतिम छोर तक नर्मदा प्रगति पथ का निर्माण भी किया जायेगा। ये पथ, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आर्थिक विकास के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

बिल्डिंग डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का गठन
शासकीय भवनों के निर्माण की गति बढ़ाने के लिए एक नवीन कंपनी मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेव्हलपमेंट कापोर्रेशन लिमिटेड का गठन किया गया है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक से क्वालिटी एश्योरेंस काउंसिल का गठन प्रस्तावित है।

आत्मनिर्भर एमपी का रोडमैप तैयार
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कोविड के समय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आव्हान से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमेप 2023 तैयार किया। इस रोडमैप के तहत प्रदेश के विकास की परिकल्पना के चार प्रमुख आधार स्तंभ हैं। पहला: भौतिक अधोसंरचना, दूसरा: अर्थव्यवस्था एवं रोजगार, तीसरा: स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा चौथा: सुशासन, सरकार के इस कार्यकाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 17 हजार करोड़, फसल उपार्जन में लगभग 66 हजार 684 करोड़, शून्य प्रतिशत दर पर फसल ऋण लगभग 30 हजार करोड़ दिया है।

मुख्यमंत्री क्रांति योजना

  • स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार किया है। जिला चिकित्सालयों में कोविड-19 सेंटर बनाया गया था। सुविधाएं बढ़ाई गई है।
  • उद्योगों को रियायती दरों पर जमीन दे रहे हैं। प्रक्रियाओं को सहज बनाया गया है। 3 दिन में उद्योग शुरू किया जा सकता है।
  • 21 हजार 865 करोड़ रुपये की 381 परियोजनाओं के निवेश को मंजूरी दी गई है। इससे 60 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • भारत सरकार की ओर से उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की मंजूरी दी गई है। रतलाम, भोपाल, इंदौर समेत अन्य शहरों में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। 41 हजार से अधिक रोजगार के साधन मिलेंगे।   
  • इथेनॉल और जैव ईंधन के लिए परियोजना को मंजूरी दी गई है।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में आईटी पार्क

  • एटीएफ पर वैट को घटाकर 4% किया है। इससे प्रदेश में विमानन सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।  
  • तेंदुपत्ता संग्राहकों को लाभांश की राशि 70% से बढ़ाकर 75% करने का फैसला
  • 15 जनजाति कन्या विद्यालयों को नए भवनों में संचालित करने का लक्ष्य है।
  • आजीविका के नए अवसर मिले, इसके लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण कौशल केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
  • 15 जिलों में आहार अनुदान योजना संचालित की जा रही है।  
  • स्वसहायता समूहों के लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह 2021-22 के बजट के मुकाबले 100% अधिक है।

किसानों को 1.72 लाख करोड़ की मदद

  • 4000 किमी सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा गया है
  • गो-संवर्धन के लिए नई योजना  फसलों को जीआई टैग दिलाने की कोशिश।
  • बिजली में 21 हजार करोड़ की सब्सिडी दी गई।
  • उद्यानिकी फसलों के लिए एक लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।
  • दुग्ध उत्पादन योजना शुरू होगी। इसके लिए 1050 का प्रावधान है।
  • प्रदेश में घर-घर पशु चिकित्सा सेवा शुरू होगी। मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावना
  • मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना शुरू होगी। इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
  • स्वसहायता समूहों का बजट दोगुना, 1100 करोड़ का प्रावधान
  • पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
  • भोपाल का ताजमहल, रीवा का गोविंदगढ़, छतरपुर का राजगढ़ पैलेस निजी निवेशकों को दिया जाएगा।

विजनरी सीएम का बजट

  • 13000 टीचर्स, 6 हजार आरक्षकों की नियुक्ति
  • 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
  • 60 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर विकसित होंगे
  • अजा-अजजा, ओबीसी की महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी काम किए जा रहे हैं। यह काम स्व-सहायता समूहों के जरिए हो रहा है। इनको 2000 करोड़ रुपए का क्रेडिट दिया जाएगा।
  • भोपाल के बगरोदा और बैरसिया में उद्योग पार्क बनेंगे।
  • जनजाति विकास निगम बनेगा।
  • बुरहानपुर जिले के हर घर को नल-जल की सुविधा
  • सिंचाई और घरेलू जल के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ऊर्जीकरण का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सागर, शाजापुर, उज्जैन में सोलर प्लांट लगेंगे।
  • 360 नए सीएम राइजिंग स्कूल खोलने का लक्ष्य। 7 हजार करोड रुपए का प्रावधान किया है।
  • उच्च शिक्षा के लिए 12 करोड़ 47 लाख रुपए का प्रावधान
  • स्वास्थ्य के लिए 13642  करोड़ रुपए।

इनका कहना
राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का स्मरण करता हूँ, नमन करता हूँ। मैं उनसे यह प्रार्थना करता हूँ कि प्रदेश में 'रामराज्य' स्थापित करने के हमारी सरकार के प्रयासों को शक्ति, सामर्थ्य मार्गदर्शन प्रदान करें।
जगदीश देवड़ा, वित्त मंत्री

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