Wather Update News : बिपरजॉय तूफान का मध्यप्रदेश में असर, MP में होने वाली है झमाझम बारिश

Wather Update News : उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार से बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है। विभाग ने कहा है कि तूफान के असर से मॉनसून को पूर्वी भारत में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी,

Latest Wather Update News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल . चक्रवात बिपरजॉय गुजरात के तट से टकरा गया है और इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार से बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है। विभाग ने कहा है कि तूफान के असर से मॉनसून को पूर्वी भारत में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी, जो अभी भीषण गर्मी की चपेट में है। इन राज्यों में फिलहाल लू जैसे हालात हैं। वहीं, आने वाले कुछ दिनों में इसका असर बिहार और झारखंड पर भी देखने को मिल सकता है।

इसके बाद प्रदेश के पूर्वी हिस्से भी भीगेंगे। टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, रीवा और सतना में 20-21 जून को बारिश होगी। कहीं-कहीं तेज या भारी बारिश हो सकती है। 22-23 जून को भी प्रदेश में मौसम बदला सा रहेगा। इसी बीच मानसून की एंट्री भी हो सकती है।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक ममता यादव ने बताया कि बिपरजॉय का असर मध्यप्रदेश के इलाकों में भी रहेगा। नीमच, मंदसौर, बड़वानी, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में 17 जून को बूंदाबांदी हो सकती है। साउथ वेस्ट मध्यप्रदेश के इलाकों में शनिवार को यह दस्तक देगा।

तूफान जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, इसकी तीव्रता में कमी आएगी। लो प्रेशर एरिया के चलते असर दिखाई देगा। इसके चलते ही 18 और 19 जून को पश्चिमी इलाकों में असर रहेगा। ग्वालियर और चंबल संभाग में कहीं तेज तो कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। यहां के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव नहीं बनने से मौसम सक्रिय नहीं हुआ, जिससे 11 मई से मॉनसून की प्रगति धीमी रही है। अरब सागर में बने चक्रवात ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की धारा को प्रभावित किया, लेकिन अब इसके लैंडफॉल होने के बाद से उत्तर-पूर्व, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है।

18 से मॉनसून की परिस्थितियां होंगी अनुकूल

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वहीं कुछ अन्य तथ्यों पर भी नजर रखे हुए हैं, जैसे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर क्रास भूमध्यरेखी प्रवाह में वृद्धि हो रही है। यह मॉनसून को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। महापात्रा ने कहा, 18 से 21 जून तक पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थतियां अनुकूल होंगी।

मॉनसूनी हवाओं को खींचेगा

वहीं एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, राजस्थान में अभी भारी वर्षा होने के बाद मध्य और पूर्वी यूपी और मध्य प्रदेश में 20 जून से बारिश होगी। यह मॉनसूनी हवाओं को खींचेगा और मॉनसून को पूर्वी भारत में आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

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