कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी लखनऊ से गिरफ्तार

   कानपुर
कानपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी को पुलिस ने लखनऊ के हजरतगंज से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. कानपुर के पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने बताया कि ह्यूमन इंटेलिजेंस से पता चला था कि आरोपी शहर छोड़कर जा रहे हैं.

कमिश्नर ने बताया कि एक आरोपी जावेद अहमद का एक यूट्यूब चैनल जो लखनऊ के हजरतगंज है. पुलिस को पता चला था कि सभी आरोपी इसी चैनल के ऑफिस में छुपे हुए हैं, जिसके बाद यहां से मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी के अलावा जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मो. सूफियान को गिरफ्तार कर लिया.

उन्होंने बताया कि आरोपियों पास से छह मोबाइल फोन मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. इसके अलावा इनके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में 36 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है. सभी की जल्द गिरफ्तारी कर एनएसए, गुंडा ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी साथ ही सभी की संपत्ति जब्त की जाएगी.

कोर्ट से मांगी जाएगी 14 दिन की रिमांड

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि उसने पूछताछ में 5-6 लोगों के नाम बताए हैं. आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांगी जाएगी ताकि विस्तार से पूछताछ की जा सके. पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेट, वॉट्सऐप मैसेज और वीडियो के आधार पर अब 36 लोगों की पहचान की जा चुकी है. सभी को गिरफ्तार कर एनएसए और गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. सभी की संपत्ति जब्त की जाएगी.

कानपुर हुए दंगों में पहले भी आ चुका है नाम

हयात जफर हाशमी पर हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप है. इससे पहले उसका नाम CAA-NRC के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में भी सामने आया था. हयात जफर हाशमी मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन का संचालक है. उसका नाम कानपुर में हुए दंगे में पहले भी आया था. CAA-NRC के विरोध में हुए प्रदर्शन में भी हयात जफर हाशमी की भूमिका जांच के दायरे में थी. इस मामले में कानपुर के कर्नलगंज थाने में हयात जफर हाशमी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी.

बताया जा रहा है कि उस वक्त भी जफर हाशमी ने फेसबुक के जरिए ही लोगों को विरोध करने के लिए इकट्ठा होने को कहा था. फेसबुक लाइव से लेकर पोस्टर लगाकर लोगों को प्रदर्शन के लिए एकजुट करने का उसका पुराना पैटर्न है. CAA-NRC हिंसा के दौरान भी हाशमी ने यही पैटर्न अपना कर लोगों को इकट्ठा किया था. इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी.

अब तक 35 दंगाइयों को पकड़ा गया है

बता दें कि हाल ही में एक न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी, जिसको लेकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नाराज थे. इसके विरोध में मुस्लिम पक्ष ने जुलूस निकाला था. इस दौरान हिंसा भड़क गई. एडीजी यूपी प्रशांत कुमार अब तक 35 दंगाइयों को पकड़ा गया है, आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी है. साथ ही घरों पर बुलडोजर भी चलेगा. इस मामले में 40 आरोपी नामजद किए गए हैं, जबकि तीन एफआईआर दर्ज की गई है.

यतीमखाना इलाके से शुरू हुआ बवाल?

हिंसा की शुरुआत यतीमखाना इलाके की मुख्य सड़क और बाजार से हुई. धर्म के नाम पर सामने आए दो गुटों के बीच पहले बहस हुई. इसके बाद टकराव हुआ और फिर पथराव होने लगे. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे पड़े थे, बाजार बंद हो चुके थे, कई गाड़ियां तोड़फोड़ी जा चुकी थीं. पुलिस ने दंगाइयों को खदेड़ना शुरू किया तो ये लोग अंदर की बस्ती और तंग गलियों में जा घुसे और वहीं से पुलिस को ही निशाना बनाना शुरू  कर दिया, जिसमें कई पुलिसवाले जख्मी हो गए. पथराव काफी देर तक जारी रहा. आसपास के थानों से भी पुलिस बुलानी पड़ी. इस दौरान दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस छोड़ने पड़े. देर रात हालात पर पुलिस ने काबू पा लिया. इसके बाद कमिश्नर डीएम और पुलिस  कमिश्नर ने पूरी फोर्स, पीएसी और आरएएफ के साथ हिंसा प्रभावित इलाको में फ्लैग मार्च किया.

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