रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा, 109 रक्षा उत्पादों आयात अब नहीं

 लखनऊ
       केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  लखनऊ में पत्रकारों के साथ एक मुलाकात के दौरान अनौपचारिक बातचीत की. उन्‍होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय जल्द 109 और ऐसे रक्षा उत्पादों की सूची तैयार कर रहा है जिसकी खरीद अब विदेशों से नहीं होगी. स्वदेशी रक्षा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पहले ही 200 से ज्यादा रक्षा उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है और अब 09 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय एक और सूची जारी करने जा रहा है जिसमें 109 से ज्यादा ऐसे रक्षा उत्पाद होंगे जिनका निर्माण अब स्वदेशी ही होगा और उनका आयात अब नहीं किया जा सकेगा.

इस अनौपचारिक बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया प्रोग्राम नई इबारत लिख रहा है. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में यह कदम बेहद अहम है. भारत की निर्भरता लगातार बड़े देशों पर कम होती जा रही है. यहां तक की रूस के विदेश मंत्री के सैनिक साजो सामान के ऑफर देने के बाद भी भारत को फिलहाल अलग से कोई जरूरत नहीं दिखाई दे रही. भारत लगातार डिफेंस के क्षेत्र में विदेशों पर अपनी निर्भरता कम करता जा रहा है.

राजनाथ सिंह ने चेतक हेलीकॉप्टर का उदाहरण देते हुए बताया कि इसकी स्वर्ण जयंती पूरी हो चुकी है और लाइट कॉमट हेलीकॉप्टर के नए बेड़े का आर्डर भी HAL को दिया जा चुका है. अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के बारे में बात करते हुए उन्‍होंने कहा की आउटर रिंग रोड का काम तेजी पर है और इसे भी जल्द पूरा करने की कोशिश होगी.

उन्होंने कहा कि पंजाब की एक बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी जल्द ही लखनऊ के पास अपना 200 एकड़ का कैंपस खोलने जा रही है. सैद्धांतिक सहमति इस यूनिवर्सिटी के लिए दी जा चुकी है, जमीन की तलाश जारी है और जल्द ही देश के इस बड़े प्राइवेट यूनिवर्सिटी का एक कैंपस लखनऊ में होगा.

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