एमएसएमई नीति-2022 के प्रारूप निर्माण के लिए बैठक आयोजित, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना और संरक्षण के प्रयासों पर हुई चर्चा

 

जयपुर। उद्योग मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत की पहल पर राज्य में नई एमएसएमई नीति पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को उद्योग भवन में आयुक्त श्री महेद्र कुमार पारख की अध्यक्षता में प्रमुख औद्योगिक संगठनों के साथ एमएसएमई नीति-2022 के नीति प्रारूप का प्रस्तुतीकरण एवं महत्वपूर्ण सुझावों पर चर्चा के लिए बैठक का आयोजन किया गया।
 
     बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक क्लस्टर, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र, सुलभ वित्त उपलब्धता, उद्योगों के लिए भूमि और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने, क्षमता संर्वधन प्रशिक्षण (कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग), बेहतर मार्केंटिंग, एक्सपोर्ट प्रमोशन सहायता, श्रेष्ठ उद्यमियों को पुरस्कार विषयों पर संगठनों के प्रतिनिधियों के द्वारा सुझाव प्रस्तुत किए गए।

     आयुक्त ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सर्वाधिक रोजगार इस सेक्टर से ही प्रदेशवासियों को मिलता है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2022‘ के तहत नए उद्यम स्थापित करने और पुराने उद्यमों का नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के लिए उ़द्यमियों को अनुदान दिया जा रहा है। इसमें 25 लाख रुपए तक के ऋण पर 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय है। बैठक में इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्य इकाइयों के संरक्षण के लिए अन्य प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

     बैठक में अतिरिक्त निदेशक श्री वाईएन माथुर, सिडबी, कॉन्फैडरेशन ऑफ इण्डियन इण्डस्ट्रीज (सीआईआई), फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्रीज (फोर्टी), राजस्थान, पीएचडी चौम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्री (पीएचडीसीसीआई), बगरू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, जयपुर, विश्वकर्मा इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन, जयपुर सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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