विधायकों को एक स्कूल गोद लेना होगा, कहा- अस्पताल से कोई मरीज बिना इलाज न जाए: सीएम योगी

 लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी चार अप्रैल को श्रावस्ती से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने गुरुवार को एक बैठक में विधायकों और अधिकारियों को स्कूलों को गोद लेने के निर्देश दिए। वहीं स्कूलों की दशा सुधारने को पुराने विद्यार्थियों, सीएसआर की मदद भी ली जाएगी। अगले पांच साल में एक करोड़ नए छात्रों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

स्कूल चलो अभियान में कम साक्षरता वाले जिलों पर फोकस रहेगा। वहां के स्कूलों के लिए अभियान में अलग रणनीति तय की जाएगी। श्रावस्ती की साक्षरता दर प्रदेश में सबसे कम है। इसके बाद बहराइच, बलरामपुर, बदायूं और रामपुर हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1.58 लाख प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस करने के निर्देश भी दिए। स्कूल चलो अभियान में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अभियान से सभी जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों को भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऑपरेशन कायाकल्प से बेसिक शिक्षा परिषद के सभी 1.58 लाख स्कूलों में सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए निजी संस्थाओं, स्कूल के पुराने विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा जाए। स्कूलों के कायाकल्प के लिए सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिपांस्बिलिटी) की मदद ली जाए। स्कूलों में पेयजल, टॉयलेट, स्मार्ट क्लास और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बच्चों की यूनिफॉर्म और जूते मोजे की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्कूलों में छात्रसंख्या बढ़ी है। वर्ष 2016-17 में जहां सरकारी स्कूलों में 1.56 करोड़ विद्यार्थी पंजीकृत थे, वहीं अब ये संख्या बढ़ कर 1.70 करोड़ हो चुकी है। वहीं सरकार यूनिफार्म समेत कई सुविधाएं सहायताप्राप्त स्कूलों में भी देती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षकों की तैनाती से लेकर बुनियादी सुविधाओं का समयबद्ध अभियान चलाया जाए। हर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभवता पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो स्कूल चलो अभियान की शुरुआत करते आए हैं।

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