किसी भी डार्क जोन में बेवरीज एवं डिस्टलरी यूनिट को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं : आबकारी मंत्री

जयपुर। आबकारी मंत्री श्री परसादी लाल मीणा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि विभाग द्वारा राज्य के किसी भी डार्क जोन क्षेत्र में बेवरीज एवं डिस्टलरी तथा बोटलिंग यूनिट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।

श्री मीणा ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में पॉलिसी में बदलाव कर बिन्दु संख्या 2 तथा 3 को विलोपित कर सेफ जोन जिसकी सूची जल संसाधन विभाग से मिली थी वहीं बेवरीज एवं डिस्टलरी यूनिट की अनुमति दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी डार्क जोन में बोटलिंग यूनिट लगाने का ना विभाग द्वारा विस्तार किया गया ना ही अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में मंत्रिमण्डल के आज्ञा द्वारा सेफ जोन क्षेत्र आसपुर, घाटोल, शाहबाद और भादरा में ही ये यूनिट्स लगाने की अनुमति दी गई है।

इससे पहले श्री मीणा ने विधायक श्री बलजीत यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि पत्र दिनांक 7 अपै्रल 2015 से आबकारी आयुक्त उदयपुर द्वारा राज्य में नई आबकारी उत्पादन इकाइयां (डिस्टलरी/ब्रेवरीज/बोटलिंग प्लांट/अन्य) की स्थापना हेतु नीति निर्देश संकलित की जाकर प्रारूप की सूचना संलग्न प्रेषित की गई है। उन्होंने पत्र की प्रति सदन के पटल पर रखी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमण्डल आज्ञा संख्या 108/2015 दिनांक 24 मई 2015 के अनुसरण में राज्य में आबकारी उत्पादन औद्यौगिक इकाइयों (डिस्टलरी/ब्रेवरीज/बोटलिंग प्लांट) के स्थान चयन एवं स्थापित करने हेतु वित्त (आबकारी) विभाग के पत्र दिनांक 27 मई 2015 द्वारा नीति निर्धारित की गई है। उन्होंने पत्र की प्रति सदन के पटल पर रखी।

श्री मीणा ने बताया कि मंत्रिमण्डल के आदेश दिनांक 20 दिसम्बर 2021 के अनुसरण में उपरोक्त नीति के बिन्दु संख्या (2) व (3) को विलोपित किया जाकर स्पष्ट किया गया है कि राज्य में प्रत्येक भू-जल सुरक्षित क्षेत्र में डिस्टलरी/ब्रेवरीज/बोटलिंग प्लांट स्थापित किये जा सकेंगे। उन्होंने पत्र की प्रति सदन के पटल पर रखी।

आबकारी मंत्री ने बताया कि उपरोक्त नीति के बिन्दु संख्या-6 के अनुसार भू-जल की दृष्टि से सेफ ब्लॉक्स के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर डिस्टलरी/ब्रेवरीज/बोटलिंग प्लांट्स स्थापित करने पर कतई विचार नहीं किया जायेगा। इस नीति में पूर्व की अनुज्ञापित इकाइयोें के विस्तार के संबंध में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होेंने बताया 27 मई 2015 के आदेश के उपरान्त राज्य में भू-जल की दृष्टि से डार्क जोन में कोई नई डिस्टलरी व ब्रेवरीज यूनिट नहीं लगाई गई है।

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