जेडीयू की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह पर पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप

पटना

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (RCP) पर उनकी पार्टी जेडीयू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरसीपी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अपने गृह जिले नालंदा में अकूत दौलत बनाई है। जेडीयू ने इस संबंध में आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि साल 2013-2022 के बीच उन्होंने काफी प्रॉपर्टी अर्जित की है। इसमें नालंदा जिले के दो प्रखंडों में खरीदी गई 40 बीघा जमीन भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि सत्ताधारी जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं कि
ना केवल सहयोगी बीजेपी बल्कि मुख्य विपक्षी दल आरजेडी भी पूरे मामले में कोई भी बयान देने से कन्नी काट रही है।

2019 का लोकसभा चुनाव हो 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव, उस दौरान लगभग हर रोज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और आरसीपी सिंह पर हमला करते थे। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव मीडिया में आकर लगातार बयान देते थे कि बिहार में लोगों से आरसीपी टैक्स वसूला जाता है। नेता प्रतिपक्ष आरोप लगाते थे कि मुख्यमंत्री नीतीश ने आरसीपी सिंह को खुली छूट दे रखी है। आरसीपी सिंह पैसों और जमीन की वसूली में नालंदा जिले के लोगों पर भी रहम नहीं कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जब जेडीयू ने ही आरसीपी सिंह को अकूत दौलत बनाने के मामले में नोटिस जारी किया है तो तेजस्वी यादव चुप हैं। उनकी पार्टी आरजेडी इसे जेडीयू का अंदरुनी मसला बता रही है।

यहां याद बता दें कि इसी साल लालू यादव और राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे थे। लालू परिवार ने नीतीश कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया था। इसके बाद जातीय जनगणना, धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने, अग्निवीरों की भर्ती जैसे कई मुद्दे हैं जिसपर आरजेडी और जेडीयू एक साथ दिखी है। इसके अलावा लालू यादव को सजा होने पर भी नीतीश कुमार ने बेहद नरमी वाला बयान दिया था। हाल ही में तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा के दौरान लालू फैमिली के ठिकानों पर हुई छापेमारी के मुद्दे पर भी जेडीयू का रवैया नरम दिखा था।

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि आरसीपी सिंह को जेडीयू ने जो नोटिस भेजा है, वह उनका आंतरिक मामला है। इससे हमें कोई लेना देना नहीं है। लेकिन आरसीपी सिंह को लेकर जेडीयू में जिस तरह की खटपट चल रही है उसी का यह परिणाम है। अगर पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ कोई गतिविधि करेंगे तो उसपर पार्टी कार्रवाई करती ही है। जेडीयू का आंतरिक मामला है इसलिए आरजेडी की इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं हो सकती है।

बिहार बीजेपी प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह पर जो आरोप लगे हैं, यह जांच का विषय है। उनके जवाब का भी इंतजार करना चाहिए। यह जेडीयू का अंदरुनी मामला है। यह उनके (जेडीयू) बड़े नेता और दल के अंदर का विषय है। इसपर हम लोगों को बोलना उचित नहीं है। लेकिन आरोप लगना और आरोप जिसपर लगा है उसका जवाब सुनना यह भी जरूरी है। उसके बाद जिस दल का विषय है उस दल के अध्यक्ष की बात सुननी चाहिए, उनका निर्णय ही सर्वोपरी है।

कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि जेडीयू के किसी भी नेता की संपत्ति की जांच करवा लीजिए। सबने पिछले 15-16 साल में अकूत संपत्ति जमा कर ली है। सभी लोगों ने भ्रष्टाचार के जरिए ही संपत्ति बनाई है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे आरसीपी सिंह की पोल खुल गई है, किस तरह से उन्होंने कमाई की है। आरसीपी सिंह के साथ उनकी बेटी की संपत्ति की भी जांच कराई जानी चाहिए। और भी चीजें खुलेंगी। एक बार हिम्मत करके सीएम नीतीश कुमार की भी संपत्ति की जांच करवा लीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सबके सब भ्रष्ट हैं।

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