सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर में भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना

 

उदयपुर। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के तीन दिवसीय विचार-मंथन सत्र की शुरुआत राजस्थान के उदयपुर में भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना के साथ की। उन्होंने सरकार पर ध्रुवीकरण और देश में भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया। सोनिया गांधी ने कहा कि देश में लोग लगातार भय में जी रहे हैं। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है।

सोनिया गांधी  ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट रूप से और दर्दनाक रूप से स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी और उनके सहयोगियों का वास्तव में उनके 'अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार' के नारे से क्या मतलब है। इसका मतलब है कि देश को ध्रुवीकरण की स्थायी स्थिति में रखना है। लोगों को निरंतर भय और असुरक्षा की स्थिति में रहने के लिए मजबूर करना है। अल्पसंख्यक हमारे समाज का एक अभिन्न अंग और हमारे गणतंत्र के समान नागरिक हैं। अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अक्सर क्रूर तरीके से उन्हें टारगेट किया जा रहा है।

सोनिया गांधी ने कहा कि नव संकल्प चिंतन शिविर हमें उन कई चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर देता है, जिनका सामना देश भाजपा, आरएसएस और उसके सहयोगियों की नीतियों के परिणामस्वरूप कर रहा है। यह हमारे सामने आने वाले कई कार्यों पर विचार-विमर्श करने का भी अवसर है। यह राष्ट्रीय मुद्दों के बारे में 'चिंतन' और हमारे पार्टी संगठन के बारे में सार्थक 'आत्मचिंतन' दोनों है।

संगठन में बदलाव समय की जरूरत
पार्टी के बारे में बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि संगठन में बदलाव समय की जरूरत है। हमें अपने काम करने के तरीके को बदलने की जरूरत है। हमें संगठन को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखना होगा, पार्टी ने हमें बहुत कुछ दिया है और यह चुकाने का समय है। हमें संघर्ष करना है और जीतना है। पहले जैसे हालत में पार्टी को ले आएंगे। एक बार फिर से साहस दिखाने की जरूरत है। हम अपनी कमजोरियों को जानते हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव पर चिंतन शिविर में हो रही चर्चा
बता दें कि कांग्रेस का चिंतन शिविर 13, 14 और 15 मई को उदयपुर में हो रहा है। मंथन सत्र का मुख्य फोकस 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करना है। इस बैठक को 'नव संकल्प चिंतन शिविर' नाम दिया गया है। इसमें 2024 के आम चुनावों की रणनीति, ध्रुवीकरण की राजनीति का मुकाबला करने और आने वाली चुनावी चुनौतियों के लिए तैयारी पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

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