राज्यपाल के लिए तैयार हो रही खास कुर्सी, बांसवाड़ा में स्काउट एंड गाइड महोत्सव में मेहमान होंगे महामहिम

उदयपुर
आपने कुर्सी के कई किस्से सुने होंगे, लेकिन राजस्थान के बांसवाड़ा में इन दिनों एक विशेष कुर्सी की चर्चा हो रही है। यह कुर्सी राज्यपाल के लिए तैयार की जा रही है जो हुबहू राजभवन में लगी कुर्सी जैसी होगी। इस कुर्सी का अपना प्रॉटोकॉल है और उसी मापदंड के मुताबिक इसे बनाया जा रहा है। दरअसल बांसवाड़ा में होने वाले स्काउट गाइड समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र इस कुर्सी पर बैठेंगे। यह कार्यक्रम करीब 90 मिनट का होगा।

24 अप्रैल को है कार्यक्रम
स्काउट एंड गाइड के सर्किल ऑर्गनाइजर (सीओ) दीपेश शर्मा ने बताया कि बांसवाड़ा में 24 अप्रैल को राष्ट्रीय जनजाति स्काउट एंड गाइड महोत्सव के साथ पहली बार राज्य पुरस्कार स्काउट एंड गाइड रोवर रेंजर अवॉर्ड का भी आयोजन किया जा रहा है। कोरोनाकाल के बाद पहली बार यह कार्यक्रम हो रहा है। कोरोना प्रॉटोकॉल के कारण राजभवन से कुर्सी समेत कोई भी सामान न तो बाहर जा सकता है और न ही अंदर ले जाने की अनुमति है। इसके तहत राजभवन से निर्देश मांगे गए तो उन्होंने राजभवन की कुर्सी की डिजाइन भेजी है, उसी के मुताबिक कुर्सी तैयार करवाई जा रही है।

शेर जैसा होगा कुर्सी का आकार
इस खास कुर्सी की जमीन से ऊंचाई 41 इंच है। कुर्सी की बैक 23.5 इंच होगा। इसमें पॉइंट 5 इंच मुकुट की तरह घुमाव होगा, जबकि 23 इंच में फॉम होगा। कुर्सी के पैर 16 इंच लंबे होंगे, जबकि आगे वाले दोनों पैर मिलाकर चौड़ाई 25.5 इंच होगी। आगे से पीछे तक सीट की लंबाई 25 इंच, सीट आगे से 22 इंच चौड़ी, जबकि पीछे से 16.5 इंच की चौड़ाई होगी। यानी कुर्सी का शेप शेरमुखी होगी।

स्काउट एंड गाइड महोत्सव
राज्यपाल के लिए इस कुर्सी की जरूरत 24 अप्रैल को पड़ेगी। जब राज्यपाल मिश्र यहां राष्ट्रीय जनजाति स्काउट गाइड महोत्सव के मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे। इससे पहले 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में देश भर से 12 सौ से अधिक स्काउट गाइड हिस्सा लेंगे, जो जनजाति वर्ग के होंगे। यह कार्यक्रम बांसवाड़ा के लियो कॉलेज परिसर में होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य समारोह में स्टेट चीफ कमिश्नर निरंजन आर्य, कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया, प्रभारी मंत्री भंवरसिंह भाटी, बांसवाड़ा के सभी 5 विधायक आदि शामिल होंगे।

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