अचानक नज़र आई डैम में डूबी 120 साल पुरानी मस्जिद, 1984 में हुआ था डैम का निर्माण

नवादा
 बिहार में कई ऐतिहासिक स्थल है जो कि अभी अनसुलझी पहेली है। जैसे की राजगीर की गुफा में रहस्यमयी दरवाज़ा का रहस्य आज भी अनसुलझा है। इतिहासकार की मानें गुफा के अंदर स्वर्ण भंडार है, दरवाजा खुलने से बिहार समेत पूरे देश की क़िस्मत बदल जाएगी। हर्यक वंश के स्थापक बिम्बिसार के स्वर्ण भंडार को गुफा में ही रखा गया था। इस रहस्यमयी गुफा के बाद अब नवादा में डैम में डूबी 120 साल पुरानी मस्जिद चर्चा का विषय बनी हुई है। दूर-दूर से लोग दीदार करने पहुंच रहे हैं लेकिन पानी और दल-दल ज़मीन की वजह से नजदीक जाने से परहेज़ कर रहे हैं।
 
30 साल पहले पानी में डूब गई थी मस्जिद
नवादा में तीन दशक पुरानी मस्जिद पानी में डूबी मस्जिद मिलने के बाद लोग अचंभित हो रहे हैं। स्थानीय बुजुर्गों की मानें तो चंदोली गांव के पास एक मस्जिद थी। रजौली प्रखंड मुख्यालय (नवादा) से 5 किलोमीटर की दूरी पर फुलवरिया डैम के पास में यह मस्जिद थी। 3 दशक पानी में डूबे रहने के बाद भी मस्जिद पूरी तरह से सुरक्षित है, इसे कुछ भी नुक्सान नहीं हुआ है। ग्रामीणों को जब पानी में डूबी मस्जिद दिखने की खबर मिली तो दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

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