स्‍थापना दिवस पर कन्‍नौज में इस बार दूनी हुई बीजेपी वर्कर्स की खुशी, अबकी हर सीट पर खिला है कमल

 कन्‍नौज

1980 में गठन के बाद इत्रनगरी में पहली बार भाजपा का स्थापना दिवस बेहद खास होगा। वजह साफ है अपने अस्तित्व में आने के 42 साल बाद पहली बार कन्नौज की हर सीट पर भाजपा का कमल खिला हुआ है। गठन के 11 साल बाद 1991 में सदर विधानसभा सीट जीत कर जीत का आगाज करने वाली भाजपा अब सभी सीटों पर काबिज है। लोकसभा, विधानसभा, जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख सभी सीट पर भाजपा का कब्जा है।

पिछले तीन दशक तक सपा का गढ़ रहे कन्नौज में यह पहली बार है कि लोकसभा के साथ ही विधानसभा की सभी पर कब्जा के बीच भाजपा कार्यकर्ता अपनी पार्टी का स्थापना दिवस मनाएंगे। सुबे की सत्ता पर काबिज भाजपा का कन्नौज में समय-समय पर कमल खिलता रहा है। सपा के गढ़ कहे जाने वाले कन्नौज में भाजपा को अपना कमल खिलाने में शुरू में काफी जतन करना पड़ा था। पहली कामयाबी राम मंदिर आंदोलन की लहर के दौरान 1991 में हुए चुनाव में मिली थी। तब पहली सदर सीट से भाजपा ने अपना खाता खोला था।  उसके बाद बारी-बारी से छिबरामऊ और तिर्वा में भी जीत मिलती रही है। इस चुनाव में उसे सभी तीन सीट पर ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। इसके पहले 2019 लोकसभा चुनाव में भी संसदीय सीट पर भाजपा का कब्जा हुआ था।

47 वोटों से पहली जीत
भाजपा को पहली जीत के लिए कांटे के मुकाबला का सामना करना पड़ा था। 1991 के विधानसभा चुनाव में सदर से भाजपा के टिकट पर पहली बार लड़ रहे बनवारीलाल दोहरे लड़े थे। उन्होंने बेहद नजदीकी मुकाबले में तत्कालीन विधायक जनता दल के कल्याण सिंह दोहरे को 47 वोट से शिकस्त दी थी।

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