संविधान के नाम पर शपथ लेने वाले इसकी मूल भावना का निर्वहन करें: मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि संविधान देश की आत्मा है। सामाजिक समरसता एवं धर्म निरपेक्षता संविधान की मूल भावनाओं में शामिल है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने मानव मात्र के बीच जाति, धर्म और वर्ण के आधार पर भेदभाव नहीं करने का संदेश दिया। उनकी जयंती पर आज हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि सभी धर्माें एवं जातियों को साथ लेकर इस देश को एक व अखंड रखेंगे।

श्री गहलोत गुरूवार को बिड़ला सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राज्य स्तरीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में सभी घृणा, नफरत एवं भेदभाव भुलाकर सद्भाव एवं भाईचारे के साथ रहें यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने बाबा साहब की 131वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर एक महान दार्शनिक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने दलित एवं वंचित वर्गों को समाज की मुख्य धारा में लाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल लोगों को अपनी शपथ याद रखते हुए संविधान की मूल भावना का निर्वहन करना चाहिए। संविधान की शपथ लेने वाले इसकी मूल भावना को आत्मसात करते हुए कानून की रक्षा करें, सभी के कल्याण की बात हो और हर धर्म दूसरे धर्म का सम्मान करे आज इसकी महती आवश्यकता है। सभी धर्मों के लोगों के साथ समान व्यवहार हो और उनके अधिकारों की रक्षा हो यह सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो हालात आज देश में है उन हालात में हमें चिंतन और मनन की जरूरत है। गांधी, पटेल और अम्बेडकर जैसे महापुरूषों की सोच और उनकी शिक्षाओं को दिल से आत्मसात करने की जरूरत है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री टीकाराम जूली ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक-आर्थिक समानता के पक्षधर थे। उन्होंने देश को जाति और धर्म की बेड़ियों से बाहर निकालने तथा गरीब, दलित, वंचित एवं पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य किया।

कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने बाबा साहब की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर उल्लेखनीय सेवाओं के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। श्री बिहारी लाल बालान को डॉ. अम्बेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार एवं श्रीमती संध्या रैगर को डॉ. अम्बेडकर महिला कल्याण पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार के तहत उन्हें एक-एक लाख का चैक और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इसके अलावा नौ छात्र-छात्राओं को डॉ. अम्बेडकर शिक्षा पुरस्कार दिया गया। इन छात्र-छात्राओं को 51-51 हजार रूपए की राशि के चैक एवं प्रशस्ति पत्र दिए गए।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश, सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री भजनलाल जाटव, खान एवं गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, पीएचईडी मंत्री डॉ. महेश जोशी, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री खिलाड़ी लाल बैरवा, अध्यक्ष समाज कल्याण बोर्ड श्रीमती अर्चना शर्मा, महापौर जयपुर ग्रेटर नगर निगम श्रीमती सौम्या गुर्जर सहित विभिन्न बोर्ड-निगमोें के अध्यक्ष एवं अन्य जन प्रतिनिधि तथा शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता डॉ. समित शर्मा भी उपस्थित थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अम्बेडकर सर्किल स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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