महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए बौद्धिक वर्ग का सहयोग अपेक्षित

जयपुर। जयसाहित्य की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल – 2022 में शुक्रवार को आयोजित सत्र THE SACRED FEMININE में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने सत्रा का शुभारंभ किया। इस सत्र मे प्रसिद्ध साहित्यकार अरुधन्ती सुब्रमण्यम, अलका पाण्डे एवं मालाश्री लाल ने परिचर्चा की। अपने उद्बोधन में श्रीमती भूपेश ने महिलाओं और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए सभी से सहयोग की अपील की।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम को समर्पित महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इस सत्रा में सहभागिता की गई। श्रीमती भूपेश ने प्रदेश में शिशु लिंगानुपात में सुधार एवं बालिका शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अन्तर्गत किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाया।

      कन्या भ्रूण हत्या, बालिकाओं को शिक्षा से वंचित रखना या पढ़ाई बीच में ही छुड़वा देना, बाल-विवाह, दहेज-प्रथा, महिलाओं के विरूद्ध हिंसा जैसे मुद्दों पर समन्वित प्रयास की आवश्यकता जताई। उन्होने महिला सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाया। उन्होने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये की आईएम शक्ति निधि का गठन किया है। जिसके माध्यम से विभाग द्वारा अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं माहवारी स्वच्छता हेतु निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरण के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा शुरु की गई आई एम शक्ति उड़ान योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजनान्तर्गत 1 करोड़ 25 लाख किशोरियों एवं महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

साहित्य की संजीदगी के माध्यम से बेटियों और महिलाओं के प्रति सकारात्मक दिशा में समाज के दृष्टिकोण में परिवर्तन के लिए जेएलएफ का ये मंच प्रभावी भूमिका निभाए इस हेतु निरंतर बौद्धिक चिन्तन के माध्यम से प्रभावी कदम उठाये जाने की मंशा व्यक्त की।

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