आरआरईसी-हाउसिंग बोर्ड की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

जयपुर। राजस्थान आवासन मण्डल अपनी निर्माणाधीन एवं भावी योजनाओं को एनर्जी एफिशियेन्सी मोड़ पर विकसित करेगा। आवासन आयुक्त श्री पवन अरोड़ा ने इस संबंध में संबंधित अभियन्ताओं को निर्देश दिये हैं।

श्री अरोड़ा राजस्थान आवासन मंडल तथा राजस्थान रिन्यूबल एनर्जी कॉर्पोरेशन (आरआरईसी) की ओर से शुक्रवार को आवासन मण्डल में ऊर्जा दक्षता विषय पर मण्डल के अभियन्ताओं की दो दिवसीय कार्यशाला कोे संबोधित कर रहे थे। आवासन आयुक्त ने कहा कि कुशल डिजाइन एवं बेहतर प्रबंधन से एनर्जी एफिशियेन्ट भवन बनाये जा सकते हैं। जिससे कि ऊर्जा की खपत को लगभग 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बढती जरूरतों को देखते हुए हमें एनर्जी सेविंग मोड पर जोर देना होगा।

आवासन आयुक्त ने अभियन्ताओं को इसके लिये ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियेन्सी (बीईई) की ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (एनर्जी कन्जरवेशन बिल्डिंग कोड) का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिये और कहा कि आवासन मण्डल मुख्यालय भवन को ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियेन्सी से स्टार रेटेड करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मण्डल के द्वारा वर्तमान में निर्माणाधीन विधायक आवास परियोजना के साथ अन्य महत्वपूर्ण बहुमंजिला आवासीय योजनाओं को ग्रीन बिल्डिंग कन्सेप्ट के अनुरूप बनाया जा रहा है।

कार्यशाला के दौरान राजस्थान रिन्यूबल एनर्जी कॉर्पोरेशन के विशेषज्ञों, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियेन्सी के मास्टर ट्रेनर श्री आशु गुप्ता तथा बीईई के कन्सलटे्न्स प्रोजेक्ट् आर्किटेक्ट श्री आदित्य सिंह, प्रोजेक्ट इंजीनियर श्री कुनाल जगदाले एवं रविशंकर त्रिवेदी ने वाणिज्यिक भवनों के लिये ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता एवं आवासीय भवनों के लिये इको निवास संहिता के प्रावधानों पर चर्चा की।

इस अवसर पर आवासन मण्डल के तकनीकी सलाहकार श्री एम. एल. गुप्ता, आवासीय अभियन्ता श्री विनोद शर्मा, मन्नी राम बडगुर्जर, आवासीय अभियन्ता (रेरा) उमेश कुमार गोयल सहित अन्य अभियन्ता उपस्थित थे।

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