नवरात्रि और रमजान शुरू होने से फलों के दाम लगे चढ़ने

नई दिल्ली। एक तो इस साल गर्मी का कहर मार्च में ही शुरू हो गया। इससे मौसमी फल महंगे हो गए। इसके बाद अप्रैल के शुरूआत में ही नवरात्र शुरू हो गया। नवरात्र शुरू होने के अगले ही दिन से रमजान  का महीना शुरू हो गया। इन सब वजह से फलों के दाम आसमान में पहुंच गया। गरीबों का फल कहलाने वाला केला भी इन दिनों तेवर दिखा रहा है। आम दिनों में यह 30 से 40 रुपये दर्जन मिलता है। इस समय इसका भाव 60 रुपये दर्जन हो गया है। सेब और संतरा  जैसे फलों का भाव ही मत पूछिए।

नवरात्र से पहले ही हो गए महंगे
सहिबाबाद फल एवं सब्जी मंडी से थोक में फल खरीद कर ठेले पर फल बेचने वाले रामनाथ तिवारी बताते हैं कि नवरात्र शुरू होने से एक दिन पहले से ही फलों के भाव चढ़ गए। नवरात्र शुरू होने की वजह से घर घर में फलों की डिमांड बढ़ गया है। जबकि सप्लाई में उतनी वृद्धि नहीं हुई। उनका कहना है कि थोक में जो केला पहले 20 रुपये दर्जन मिल जाता था, वह अभी 40 रुपये दर्जन मिल रहा है। इसलिए मजबूरन दाम बढ़ाना पड़ा है। हां, पतला और छोटा केला हो तो अभी भी यह 40 रुपये दर्जन मिल रहा है।

फलाहार की वजह से बिक्री भी बढ़ी
बीते शनिवार से नवरात्र का शुभारंभ हुआ तो उसके अगले दिन से रमजान का आगाज हो गया। ये दोनों ऐसे पर्व और त्योहार हैं, जिसमें लोग व्रत रखते हैं। श्रद्धालु इस दौरान फलाहार करना ज्यादा पसंद करते हैं। इस वजह से फलों की बिक्री बढ़ गई है। रामनाथ बताते हैं कि नवरात्र के पहले ही दिन केला 60 रुपये प्रति दर्जन पर चला गया। औसत किस्म का सेब 90 से 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। संतरा भी अब महंगा हो गया है। यह बाजार में 70 से 90 रुपये किलो तक बिक रहा है। यदि संतरे का साइज छोटा हो तो यह 40 रुपये किलो भी मिल जाएगा। अंगूर के भाव में भी 20 से 30 रुपये का उछाल आया है।

माल भाड़ा बढ़ना भी है वजह
सहिबाबाद मंडी के आढ़ती सलमान भाई का कहना है कि महंगाई की वजह माल भाड़ा बढ़ना भी है। उनका कहना है कि पिछले 10 दिनों में ही डीजल का रेट प्रति लीटर 8 रुपये महंगा हो गया है। इससे माल भाड़ा बढ़ गया है। इसके अलावा गर्मी भी महंगाई की वजह बन रही है। उनका कहना है कि इस गर्म मौसम में फल ज्यादा खराब होते हैं। इसका भी दाम तो फल पर ही पड़ेगा।

गाजियाबद में इस समय फलों के भाव
सेब- 100- 120
अंगूर- 70-100
पपीता- 30-40
संतरा- 50-90
अनार- 60- 120
केला- 40-60

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