समुद्र की लहरें दिखेंगी रामलीला मंच पर, पथरचट्टी की रामलीला में क्‍या होगा नया

प्रयागराज

प्रयागराज की ऐतिहासिक श्रीपथरचट्टी रामलीला कमेटी की रामलीला 'कथा रामराज की' इस बार और भी ज्‍यादा अलौकिक व आकर्षक होगी। रामलीला का भव्य मंचन के लिए कमेटी तकनीक का बेहतर प्रयोग करेगी। अबकी समुद्र सेतु बंधन को लीला में जोड़ा गया है। विद्युत व तकनीक के प्रयोग से दर्शकों को मंच पर समुद्र की लहरें उठती नजर आएंगी, जिसे देखना किसी रोमांच से कम नहीं होगा। रामलीला के लिए कमेटी ने कलाकारों का चयन कर लिया है।

श्रीराम बनेंगे प्रतीक शुक्‍ला व सीता बनेंगी काजल मौर्या : श्रीपथरचट्टी रामलीला कमेटी के कलाकारों का चयन किया गया है। श्रीराम का पात्र प्रतीक शुक्ल, सीता का पात्र काजल मौर्या निभाएंगी। दोनों पहली बार रामलीला में मंचन करेंगे। इनके अलावा लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, रावण सहित अनेक पात्रों के लिए कलाकारों का चयन हुआ है। चयन में कमेटी के प्रवक्ता लल्लूलाल गुप्त सौरभ, निर्देशक दिलीप तिवारी, राजीव गुप्त, अनूप मिश्र, रतन जायसवाल, अंशुमान, शरद मालवीय, गोपालजी चौरसिया आदि शामिल रहे।

बोले, रामलीला के कलाकार : प्रतीक श्रीराम का किरदार पहली बार निभा रहे शांतिपुरम् आवासीय योजना निवासी प्रतीक शुक्ला कहते हैं कि अभिनय में करियर बनाना चाहते हैं। दो साल पहले से थियेटर से जुड़े हैं। स्नातक की पढ़ाई पूरी हो गई है। उच्च शिक्षा की डगर भी जारी रहेगी। कहते हैं कि श्रीराम का पात्र मिलने से मन प्रफुल्लित है।

भविष्य को मिलेगी नई दिशा : कौस्तुभ अलोपीबाग निवासी कौस्तुभ पांडेय पथरचट्टी कमेटी की रामलीला में लक्ष्मण की भूमिका निभाएंगे। वह पहली बार शामिल हुए हैं। स्नातक की पढ़ाई कर चुके कौस्तुभ कहते हैं कि इच्छा सफल अभिनेता बनने की है। बताते हैं कि रामलीला में पात्र मिलना ईश्वर की कृपा है। इससे उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

तन-मन को मिलती है ऊर्जा : अनुराग इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास काम. में पीजी कर चुके अनुराग श्रीवास्तव रामलीला में भरत की भूमिका निभाएंगे। वह पिछले आठ साल से रामलीला में अभिनय कर रहे हैं। मुट्ठीगंज के रहने वाले अनुराग थियेटर से जुड़े हैं। कहते हैं कि रामलीला में अभिनय करने से तन-मन को नई ऊर्जा मिलती है। ये मेरे लिए सौभाग्यपूर्ण है।

सीता के पात्र को करुंगी जीवंत : काजल सीता का पात्र काजल मौर्या पहली बार रामलीला में कर रही हैं। अभिनय के क्षेत्र में ही कुछ बेहतर करना चाहती हैं। काजल थियेटर से जुड़ी हैं और माडलिंग भी करती है। मुट्ठीगंज निवासी काजल स्नातक कर चुकी हैं। कहती हैं उन्हें पहली बार सीता का पात्र निभाने को मिला है। वो कड़ी मेहनत से पात्र को जीवंत करेंगी।

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