जयपुर: एक और दो जून को होगी कांग्रेस की कार्यशाला, बनेगी ये रणनीति

जयपुर
राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में होने हैं। विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस एक और दो जून को जयपुर में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित करेगी। कार्यशाला में मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में उदयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर के फैसले के अनुसार, बुजुर्ग नेताओं के स्थान पर 50 फीसद युवाओं और टिकट व पद दिए जाने पर चर्चा होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटियों में आधे पद 50 साल से कम उम्र के युवाओं को दिए जाने को लेकर इस कार्यशाला में निर्णय होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी जिला अध्यक्षों से 50 साल से कम उम्र के युवाओं की सूची मांगी है।

चुनाव की तैयारी को लेकर बनेगी योजना
इसके बाद 11 जून को जिला मुख्यालयों पर कार्यशाला होगी। इस कार्यशाला में निचले स्तर तक पार्टी के फैसलों को लागू करने की कार्य योजना तय की जाएगी। बड़े नेताओं की सिफारिश के स्थान पर जनाधार वाले युवाओं को सत्ता और संगठन में पद दिए जाने को लेकर प्रदेश और जिला स्तर की कार्यशाला में विचार-विमर्श होगा। डोटासरा ने बताया कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में चुनाव की तैयारियों को लेकर योजना बनाई जाएगी।

गौरतलब है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार में बगावत के सुर बढ़ते जा रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वस्तों में शामिल रहे खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना ने बगावती तेवर अपना लिए हैं। चांदना ने शुक्रवार को कांग्रेस के कई नेताओं से बात की । वह गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों से भी मिले। सूत्रों के अनुसार चांदना की पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी बात हुई है। कुछ समय पहले तक पायलट के खिलाफ गहलोत खेमे में शामिल रहे चांदना अब अपनी निष्ठा बदल रहे हैं। बृहस्पतिवार को चांदना ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त करने तक का आग्रह कर दिया। चांदना ने सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका को उनके विभागों का प्रभार सौंपने की बात कह कर सीधा मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। चांदना के बागी तेवरों के पीछे भविष्य के सियासी संकेत छिपे हैं। इस बीच, सीएम ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि चांदना को गंभीर नहीं लेना चाहिए। गहलोत ने कहा, सरकार बड़े पैमाने पर ग्रामीण खेल आयोजित करने जा रही है। इनमें 30 लाख लोग खेलेंगे, काम के दबाव में चांदना टेंशन में हो सकते हैं। उनसे बातचीत नहीं हुई है। जब बात होगी तो देख लेंगे।

 

Related Articles

Back to top button