जनता के सवाल उठाने वालों पर सरकारी दमन करना बंद करें- भाकमा

सिवनी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड डीडी वासनिक ने प्रेस को बताया कि जब से केंद्र में आर एस एस निर्देशित पूंजी पतियों की हमदर्द भाजपा की मोदी सरकार 2014 से केंद्र में सत्ता पर काबिज हुई है तभी से केंद्र से सवाल करने वालों पर किसी न किसी बहाने सख्त कार्रवाई की जा रही है जोकि हमारे देश के स्वस्थ प्रजातंत्र के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है वैसे भी आर एस एस एक प्रजातांत्रिक संगठन नहीं है वह एक तंत्र तानाशाही पर विश्वास करने वाला संगठन है और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर एस एस के समर्पित सिपाही हैं इसीलिए वे विपक्ष की आवाज को किसी भी रूप में सुनना पसंद नहीं करते हैं और विपक्ष की हर आवाज को दबा देना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने हमारे देश का विपक्ष कांग्रेस को कांग्रेस मुक्त देश बनाने का नारा दिया है तथा ऐसी हर आवाज को भाजपा सरकारों द्वारा दबाने का भरसक प्रयास किया गया है इसी का परिणाम है कि जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात दंगों के पीड़ित लोगों की आवाज उठाई थी और गुजरात पुलिस ने दंगों के मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था उस पर उन्होंने तीस्ता सीतलवाड़ को गिरफ्तार कर लिया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता जमानत दे दी है।

इसीलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कामरेड राजेंद्र जायसवाल ओमप्रकाश बोर्डे तीरथ प्रसाद गजभिए डॉक्टर बी सी यूके पीआर इनवाती अशोक साहू चंदन चौधरी किरण प्रकाश समद खान राहुल कुमार यीशु प्रकाश संजू डहेरिया आदि ने राज्यों की एवं केंद्र की सरकार से अपील की है कि जनता की आवाज उठाने वालों पर दमनकारी नीति ना अपनाए जावे अन्यथा जनता इसका भरपूर जवाब देगी और चुनाव आने पर ऐसी ताकतों को सत्ता से बेदखल करेगी।

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