Wangala Festival में होती है फसल के देवता की पूजा, जाने वांगला का अर्थ

वांगला उत्सव (Wangala Festival) में देवता को मिट्टी की उर्वरता और समृद्ध फसल के लिए धन्यवाद दिया जाता है। इस त्योहार को 100 ड्रम फेस्टिवल के नाम से भी जाना जाता है। हर साल इसे नवंबर महीने के दूसरे सप्ताह में मनाया जाता है।

वांगला पर्व (Wangala Festival) मुख्य रूप से किसानों (Kisano) के द्वारा मनाया जाता है। इस दिन फसल के देवता (God of Harvest) की पूजा होती है। वांगला पर्व (Wangala Festival) मुख्य रूप से मेघालय (Meghalaya) और उत्तरी बांग्लादेश के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाता है। इसे पर्व को गारो समुदाय (Garo Community) द्वारा फसल की कटाई के बाद मनाया जाता है। यह पर्व बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व नवंबर के महीने में आता है। इस बार यह पर्व 11 नवंबर 2022 को हैं।

वांगला का अर्थ | Meaning OF Wangala

वांगला का गारो भाषा में अर्थ है सौ ढोल (Hundred Drums)।

कब मनाया जाता है वांगला पर्व | When is the Wangala Festival Celebrated

वांगला उत्सव (Wangala Festival) नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में मनाया जाता है। यह पर्व शरद ऋतु (Winter season) के मौसम में मनाया जाता है।

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वांगला पर्व में किसकी होती है पूजा | Who is Worshiped in the Wangala Festival

इस त्योहार में फसल के देवता की पूजा होती है। इस दिन गारो समुदाय के लोग ‘सालजोंग’(Saljong)  नामक सूर्य-देवता (Sun) की पूजा करते हैं जो कि फसल के अधिदेवता भी होते है। देवता को मिट्टी की उर्वरता और समृद्ध फसल के लिए धन्यवाद दिया जाता है। इस पर्व को 100 ड्रम फेस्टिवल (100 Drum Festival) के नाम से भी जाना जाता है।

आदिवासी धुनों पर होता है नृत्य | Dance on Tribal Tunes

वांगला महोत्सव (Wangala Festival) पर आदिवासी (Adiwasi) अपने मुख्य देवता सालजोंग को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। यह पर्व आम तौर पर दो दिनों के लिए मनाया जाता है, लेकिन कभी-कभी एक सप्ताह तक भी जारी रहता है। पहले दिन होने वाले समारोह को ‘रागुला’ कहते हैं, जो मुखिया के घर के अंदर किया जाता है। दूसरे दिन के समारोह को ‘कक्कट’ कहा जाता है। पंख वाले हेडगियर्स के साथ रंगीन कपड़ों में युवाओं से लेकर बुजुर्ग सभी सज-धज कर तैयार होते हैं और लंबे अंडाकार आकार के ड्रमों पर बजाए जाने वाले संगीत की धुन पर नृत्य करते हैं।

वांगला का महत्व | Importance of Wangala

मुख्य रूप से वांगला उत्सव मेघालय में गारो जनजाति की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने के लिए मनाते हैं। इस पर्व पर क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा की झलक देखी जा सकती है। इसका आकर्षण पारंपरिक संगीत है। इस उत्सव के दौरान ड्रम और बांसुरी के साथ एक संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसके साथ ये उत्सव पूरा होता है। गारो जनजाति के लिए ये आनंद के दिन होते हैं।

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उत्सव के इन दिनों में ड्रम की धुन से पहाड़ गूंज उठते हैं। इस त्योहार के दौरान क्षेत्र के लोकप्रिय नृत्य रूपों का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से दो समानांतर रेखाओं की एक कतार होती है – एक पुरुष और दूसरी महिलाओं की, जो पारंपरिक परिधानों में खूब सजे-धजे होते हैं। पुरुषों की ‘आर्केस्ट्रा’ में ड्रम, घंटे और बांसुरी शामिल होते हैं। इस तरह ये त्योहार मेघालय की परंपरा से जुड़ा है।

मेघालय के 5 लोकप्रिय त्यौहार | 5 Popular Festivals of Meghalaya

  • नोंग्क्रेम नृत्य महोत्सव (Nongkrem Dance Festival)
  • वांगला महोत्सव (Wangala Festival)
  • अहैया (Ahaiya)
  • बेहदीनखलम महोत्सव (Behideenkhlam Festival)
  • शाद सुकरा (Shad Sukra)

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